बाड़मेर में उत्तराखंड का सपूत शहीद, 25 साल की उम्र में चला गया..मौसी ने दिया अर्थी को कंधा

एक बार फिर से उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। जेती गांव के शहीद गणेश रावत के जाने के गांव में मातम पसरा है।
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उत्तराखंड न्यूज: uttarakhand shaheed ganesh rawat
Image: uttarakhand shaheed ganesh rawat

: ये देवभूमि है, वीरभूमि है। हर बार इस धरती के लालों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। एक बार फिर से देवभूमि का एक लाल शहीद हो गया। जी हां हम बात कर रहे हैं मुनस्यारी के जेती गांव के सपूत गणेश रावत की, जो कि 25 साल की उम्र में ही ऑन ड्यूटी शहीद हो गए। शहीद गणेश रावत का पार्थिव शरीर आज हेलीकॉप्टर से मुनस्यारी पहुंचा। राजस्थान के बाड़मेर की पहाड़ी पर इनका वाहन ऑनड्यूटी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। गणेश की उम्र मात्र 25 वर्ष है। 2014 में एयरफोर्स में भर्ती हुए थे और वर्तमान में राजस्थान में तैनात थे। अपने बेटे को तिरंगे में लिपटा देख मां-बाप फूंट-फूट कर रोने लगे। सहीद गणेश रावत के जाने से मुनस्यारी क्षेत्र में शोक की लहर। शहीद जवान की मौसी ने अर्थी को कंधा दिया। आगे देखिए तस्वीरें

  • बाड़मेर में हुआ था हादसा

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    आपको बता दें कि बाड़मेर के चौहटन में एक दर्दनाक हादसा हुआ था।उपखंड पहाड़ी हिल टॉप सड़क से सेना का एक वाहन नीचे गिर गया था।

  • तीन जवानों की हुई थी मौत

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    इस हादसे में तीन जवानों की मौत हो गई थी और 3 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। खबर है कि ट्रक में सेना के कुल 8 जवान सवार थे।

  • सिक्किम में भी हुआ था हादसा

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    ऐसा ही एक हादसा कुछ वक्त पहले सिक्किम में भी हुआ था। उस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था।

  • शहीद गणेश रावत को आखिरी सलाम

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    शहीद गणेश रावत ने छोटी सी उम्र में ही सेना ज्वॉइन कर ली थी। बेटा सेना में गया तो मां-पिता की उम्मीदें जग गई थीं।