लुटेरों ने 4 महीने पहले आरटीओ ऑफिस में तैनात अफसर के घर से 1 करोड़ 38 लाख की रकम उड़ा ली, पर पीड़ित ने इस मामले में केस दर्ज नहीं कराया...
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Police started investigation robbery case in rto employee house
देहरादून: अगर कोई हमारी मेहनत की कमाई का एक रुपया भी चोरी कर ले, तो मन बहुत दुखता है, पर देहरादून में तो गजब ही हो गया। शहर के एक घर से 1 करोड़ 38 लाख रुपये की लूट हुई। पुलिस ने लुटेरों को पकड़ भी लिया, लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि जिसके घर से करोड़ों की लूट हुई, उसने पुलिस के पास अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस भी हैरान-परेशान है, करे तो क्या करे। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तभी तो करेगी, जब कोई शिकायत करेगा, लेकिन पीड़ित ना तो सामने रहा है और ना ही शिकायत कर रहा है। वारदात को हुए 4 महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, पर पीड़ित ने आज तक पुलिस को शिकायत देने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस भी माजरा समझ नहीं पा रही है। पूरे दून में ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरा मामला क्या है ये भी बताते हैं। चार महीने पहले आरटीओ दफ्तर में तैनात एक अधिकारी के घर से एक करोड़ 38 लाख की लूट हुई थी।
यह भी पढ़ें - देहरादून में कपड़े की दुकान में निकला सांप, मचा हड़कंप
लूट का पता पुलिस को कैसे लगा, ये कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। दरअसल पुलिस अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक के घर हुई लूट की तफ्तीश कर रही थी। इसी दौरान कुछ लुटेरे पकड़े गए। पुलिस ने उनसे 22 सितंबर को हुई लूट के बारे में पूछा, पर लुटेरों ने जो बताया उसे सुन पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने आरटीओ दफ्तर में तैनात एक अधिकारी के घर से 1 करोड़ 38 लाख लूटे थे। गुरुवार को इस मामले में पुलिस ने छठे आरोपी को भी पकड़ लिया। अब पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरटीओ अफसर के घर इतनी बड़ी रकम आई कहां से। पीड़ित ने शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दे दी है। अगर पीड़ित की तरफ से इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई तो पुलिस अपने स्तर पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी।