पहाड़ की बेटी कोमल को सलाम, सेना में लेफ्टिनेंट बनकर गांव का नाम रोशन किया

वीरभूमि उत्तराखंड की इस बेटी को सलाम है। अपने मजबूत इरादों की बदौलत ये बेटी देश की सेना में अफसर बनी है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Indian army: Komal chand became officer in Indian army
Image: Komal chand became officer in Indian army

देहरादून: वीरभूमि उत्तराखंड के बेटे ही नहीं, बेटियां भी देश की सेवा में अपना अहम योगदान दे रही हैं। महिलाओं के लिए सेना का हिस्सा बनने के अवसर बेहद सीमित हैं, लेकिन पहाड़ की बेटियां इन अवसरों का भरपूर फायदा उठा रही हैं। अपनी प्रतिभा और जज्बे के दम पर सेना में अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं, अफसर बन रही हैं। पहाड़ की ऐसी ही होनहार बिटिया है कोमल चंद। बनबसा की रहने वाली कोमल चंद ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कोमल चंदनी ग्रामसभा की रहने वाली हैं। वो बचपन से ही सेना मे जाने का सपना देखा करती थीं। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की और अब उन्हें सेना का हिस्सा बनने का गौरव मिला है। कोमल चंद सेना की मेडिकल नर्सिंग सर्विस में लेफ्टिनेंट बनी हैं।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल में खौफनाक वारदात, पत्नी ने ईंट से पीट-पीट कर पति को मार डाला
इन दिनों कोमल के घर पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है। परिजन भी बिटिया की उपलब्धि पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कोमल की शुरुआती शिक्षा चंदनी के ही ग्लोरियस एकेडमी से हुई। इंडरमीडियएट की परीक्षा के लिए उन्होंने बनबसा एनएचपीसी स्थित केवी में एडमिशन लिया। इंटर करने के बाद बीएससी करने लगीं। इसी दौरान उनका चयन दिल्ली स्थित रिसर्च एंड रिफर इंस्टीट्यूट में हो गया। आर एंड आर हॉस्पिटल से कोमल ने चार साल का नर्सिंग कोर्स पूरा किया। फिर 25 सितंबर को वो दिन भी आ गया, जब कोमल सेना का हिस्सा बन गईं। 25 सितंबर को उन्हें सेना की मेडिकल नर्सिंग सर्विस का हिस्सा बनने का मौका मिला। कोमल के घर पर उनकी मां और भाई नितिन चंद हैं। नितिन अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सर हैं, साथ ही भारतीय सेना में बॉक्सिंग कोच भी हैं। अब दोनों भाई बहन सेना का हिस्सा बन गए हैं। कोमल के सेना में अफसर बनने से क्षेत्रवासी गदगद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की बिटिया ने सेना में अफसर बनकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है, कोमल से प्रेरणा लेकर दूसरी बेटियां भी सेना में करियर बनाने का सपना देख सकेंगी, इस सपने को पूरा कर सकेंगी।