उत्तराखंड में होमगार्ड्स की भर्ती जल्द, 3590 नए पदों के लिए मिला ग्रीन सिग्नल

उत्तराखंड में होमगार्ड्स के 3590 नए पद सृजित होंगे, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है...
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
home guards: Recruitment of home guards process will start soon
Image: Recruitment of home guards process will start soon

: उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। हाल ही में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने होमगार्ड्स की संख्या 10 हजार करने की घोषणा की थी। सीएम के इस ऐलान के बाद होमगार्ड्स में 3590 नए स्वयं सेवकों के पद सृजित होंगे। भर्ती प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर अब हजारों बेरोजगारों के पास होमगार्ड्स बनने का मौका होगा। बता दें कि होमगार्ड्स मुख्यालय ने प्रदेश सरकार को होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में होमगार्ड्स की संख्या 10001 करने की बात कही गई थी। इस प्रस्ताव पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस वक्त प्रदेश में कितने होमगार्ड्स हैं, ये भी जान लें। पूरे प्रदेश में फिलहाल 6411 हजार होमगार्डस अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीएम की सैद्धांतिक स्वीकृति के बाद होमगार्ड्स में 3590 स्वयं सेवकों के पद सृजित हो सकेंगे।

यह भी पढ़ें - पहाड़ की अंकिता ध्यानी...गांव से खेतों में प्रैक्टिस करने वाली बेटी आज नेशनल चैंपियन है
उत्तराखंड जैसा राज्य, जो कि पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहा है, वहां होमगार्ड्स व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने से लेकर ट्रैफिक कंट्रोल, चारधाम यात्रा और चुनावों में भी होमगार्ड्स सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जिन विभागों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नई भर्ती नहीं हुई है, वहां पर भी होमगार्ड्स काम कर रहे हैं। होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने की कोशिशें साल 2017 से हो रही हैं। सीएम ने होमगार्ड्स की संख्या बढ़ाने के फैसले को साल 2017 में ही मंजूरी दे दी थी, पर उस वक्त मामला होमगार्ड्स की ट्रेनिंग पर केंद्र की तरफ से दिए जाने वाले 25 फीसदी केंद्रांश पर अटक गया था। हाल ही में होमगार्ड्स विभाग ने इस संबंध में एक प्रस्ताव शासन को दोबारा भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।