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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यानी अजय सिंह बिष्ट जो कि मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव के रहने वाले हैं। ये बात भी सच है कि जब भी उत्तराखंड की बात होती है तो देश के सबसे बड़े राजनीतिक सुबह के इस मुख्यमंत्री का ध्यान बरबस उस तरफ खिंचा चला जाता है। जाहिर सी बात है कि अगर योगी उत्तराखंड से हैं तो उन के कुछ पुराने दोस्त भी होंगे, जिनसे वो उत्तराखंड की बातें करते होंगे। इन्हीं में से एक मित्र हैं विधायक केदार सिंह रावत। यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने मित्र हैं और उन्होंने हाल ही में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की। जब उनकी मुलाकात योगी आदित्यनाथ से हुई तो दोनों बड़कोट के मसाल गांव की यादों में खो गए। योगी आदित्यनाथ से पहाड़ के विकास पर चर्चा हुई और योगी ने भरोसा दिलाया कि पहाड़ के विकास के लिए जिस भी मदद की दरकार होगी सरकार जरूर करेगी। केदार सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि जिन जगहों पर योगी आदित्यनाथ में अपना बचपन बिताया है वहां विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ में अपने पिताजी के साथ मसाल गांव में बचपन के दिन बिताए हैं। योगी आदित्यनाथ के पिता ने बड़कोट में वन विभाग में अपनी सेवाएं दी है। मुलाकात में योगी आदित्यनाथ ने विधायक केदार सिंह रावत को भरोसा दिलाया कि वह आने वाले साल में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा पर आएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वह वहां भी जाएंगे जहां उन्होंने बचपन के दिन बिताए थे। इतना जरूर कह सकते हैं कि अगले साल योगी आदित्यनाथ मसाल गांव और बड़कोट आने वाले हैं।
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