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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चम्पावत: पहाड़ के होनहार शिक्षक पूरी दुनिया में अपने हुनर का डंका बजा रहे हैं। ये शिक्षा की बदहाल तस्वीर को संवारने के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने का भी काम कर रहे हैं। इन्हीं शिक्षकों में से एक हैं श्रीनिवास ओली, जिन्होंने उत्तराखंड को गर्व करने का अवसर दिया है। पहाड़ के इस शिक्षक ने एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का अवॉर्ड जीता। श्रीनिवास की बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘कोटीबनाल’ को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। डॉक्यूमेंट्री ‘कोटीबनाल’ एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल 'सीएमएस वातावरण इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल' में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड हासिल करने में सफल रही। ‘कोटिबनाल’ फिल्म को 'सेलिब्रेटिंग हिमालयाज़' कैटेगरी में अवॉर्ड मिला। ये डॉक्यूमेंट्री उत्तराखंड के परंपरागत भूकंपरोधी भवनों पर बेस्ड है। कोटीबनाल के जरिए पूरी दुनिया ने उत्तराखंड के परंपरागत वास्तु विज्ञान को जाना। इसे सराहा।