बच्चों संग मिड-डे मील खाकर डीएम ने बच्चों को मिलने वाले भोजन की क्वालिटी भी चेक कर ली..
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कोमल
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Dm mangesh ghildiyal sit on floor and ate mid day meal with students
रुद्रप्रयाग: ये तस्वीरें रुद्रप्रयाग जिले की हैं। इन तस्वीरों में आप सरकारी स्कूल के बच्चों के साथ मिड-डे मील खाते एक शख्स को देख रहे हैं, और जानते हैं ये शख्स कौन हैं। चलिए हम ही बता देते हैं। ये है जिले के डीएम मंगेश घिल्डियाल। सरकारी काम करने का इनका अपना अलग तरीका है। जनता से कैसे जुड़ना है, कामचोरों को कैसे सबक सिखाना है, ये बात डीएम मंगेश घिल्डियाल अच्छी तरह जानते हैं। 11 दिसंबर को डीएम साहब सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विकासखंड अगस्त्यमुनि के सरकारी स्कूलों का जायजा लिया। काम मेहनत का है इसीलिए भूख तो लगनी ही थी। भूख लगने पर डीएम ने कहीं और जाने की बजाय स्कूल में ही मिड-डे मील चखने की ठानी। डीएम की इच्छा का सम्मान हुआ। जमीन पर चटाई बिछाई गई। जिसमें बच्चों की पंगत बैठी और इस पंगत के सबसे पहले साथी थे रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल।
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बच्चों संग मिड-डे मील खाकर डीएम ने बच्चों को मिलने वाले भोजन की क्वालिटी भी चेक कर ली। सरकारी स्कूलों में मिलने वाले खाने को लेकर अक्सर शिकायतें मिलती रहती हैं। और ये शिकायतें तब तक दूर नहीं होंगी, जब तक सरकारी अधिकारी खुद मिड डे मील नहीं चखेंगे। हर औचक निरीक्षण में ऐसा होगा तो स्कूल वाले भी डरेंगे, कि घटिया खाना बना तो कहीं डीएम की डांट ना पड़ जाए। सरकारी स्कूलों के निरीक्षण के लिए गए डीएम ने भुनका वल्ला, भुनका पल्ला, पोखरी और धनपुर के स्कूलों का जायजा लिया। बच्चों के साथ वक्त बिताया, उन्हें पढ़ाया भी। यही नहीं बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। यही बातें डीएम मंगेश घिल्डियाल को दूसरे अफसरों से अलग बनाती हैं। पहाड़ के हर जिले में ऐसा डीएम हो तो क्षेत्र की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी।