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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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रुड़की: उत्तराखंड में अपना राजनीतिक जनाधार तलाश रही पॉलिटिकल पार्टियों को अब सतर्क हो जाने की जरूरत है, क्योंकि साल 2022 में उनका सामना अपने पारंपरिक प्रतिद्वंदियों के साथ-साथ सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से भी होगा। एआईएमआईएम उत्तराखंड में अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही है। साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एआईएमआईएम अभी से तैयारी में जुट गई है। बुधवार को रुड़की में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम का पहला राजनीतिक कार्यक्रम हुआ। जिसमें डॉ. नय्यर काजमी को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब उत्तराखंड में एआईएमआईएम का जनाधार बढ़ाने की जिम्मेदारी डॉ. नय्यर काजमी पर है। कार्यक्रम में एआईएमआईएम यूपी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली भी आये थे। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिमों और दलितों के दमन का आरोप लगाया।