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पौड़ी गढ़वाल: होम स्टे योजना पहाड़ से पलायन खत्म करने में मददगार साबित हो सकती है। प्रदेश सरकार होम स्टे को बढ़ावा दे रही है। पौड़ी में भी होम स्टे चेन की शुरुआत होने जा रही है। जिसके जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा। पौड़ी में ‘बासा’ नाम से होम स्टे चेन की शुरुआत होगी। योजना के पहले चरण में 5 जगहों पर होम स्टे बनाये जाएंगे। सतपुली और ब्यास घाट में कैंप भी शुरू होंगे। योजना पर काम शुरू हो गया है। पौड़ी के खिर्सू में पहाड़ी शैली में बना पहला होम स्टे मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार है। इसके संचालन की जिम्मेदारी उन्नति महिला समूह को दी गई है। 15 महिलाओं का ये ग्रुप होम स्टे का संचालन करेगा। खास बात ये है कि इससे स्थानीय लगों को रोजगार और स्थानीय उत्पादों की बिक्री का बाजार भी मिलेगा। इस बाजार में लोग स्थानीय उत्पादों को बेच सकते हैं। यात्रियों के लिए शुरुआत में होम स्टे के एक कमरे का किराया दो से ढाई हजार रुपये होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत होम स्टे का विधिवत रूप से शुभारंभ करेंगे। पौड़ी प्रशासन की इस शानदार पहल का श्रेय यहां के डीएम धीराज गब्र्याल, बीडीओ रामेश्वर चौहान और डीडीओ वेद प्रकाश को जाता है। धीराज गब्र्याल वही आईएएस अफसर हैं, जिनकी पहल पर पौड़ी के स्कूलों में गढ़वाली बोली में पढ़ाई की शुरुआत हुई। वो केएमवीएन के प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। उस वक्त उन्होंने कुमाऊं के सीमांत क्षेत्रों को होम स्टे योजना से जोड़ने के सफल प्रयोग किये थे। जिसकी बदौलत आज इन गांवों के लोग लाखों में कमाई कर रहे हैं। आगे देखइए होम स्टे की खूबसूरत तस्वीरें