Kedarnath News: केदारनाथ क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने हिमालयी भोजपत्र से विशेष राखियां तैयार कर PM मोदी और CM धामी को भेजीं। जानें इस खास पहल की पूरी कहानी।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि पहाड़ की मातृशक्ति के पास हुनर की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उनके हुनर को उचित मंच और बाजार उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि भोजपत्र से राखी बनाने की पहल महिलाओं की रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों, लोककला और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में भी मदद करेगी।
केदारनाथ क्षेत्र की महिलाओं द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजी गई भोजपत्र की राखी को सिर्फ रक्षासूत्र नहीं, बल्कि देवभूमि की संस्कृति और पहाड़ की मातृशक्ति के हुनर का संदेश बताया गया है। विधायक ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और संकल्प का पर्व है। ऐसे में हिमालयी भोजपत्र से बनी राखी उत्तराखंड की परंपरा और आत्मनिर्भरता की भावना को भी दर्शाती है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों के निर्माण के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। सरकारी योजनाओं और महिलाओं की मेहनत के मेल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उत्पाद, हस्तकला और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। भोजपत्र की राखी इसी दिशा में एक नई पहल है।