उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के बीच बर्फबारी शुरू हो गई है। यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, वहीं भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच उत्तरकाशी प्रशासन ने गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा को होल्डिंग प्वाइंट पर अस्थायी रूप से
मौसम विभाग के भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग प्वाइंट पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को मौसम की स्थिति के अनुसार अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा फिलहाल सुचारू बताई गई है। हालांकि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। 28 सितंबर को भी भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका भी जताई है।
उत्तरकाशी में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिले की सभी तहसीलों से बारिश, भूस्खलन और अन्य घटनाओं से जुड़ी सूचनाएं लगातार जुटाई जा रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की स्थिति पर लाइव सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने मार्ग बाधित होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं।
रेड अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से बातचीत कर संबंधित जिलों और विभागों को जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी, राहत और बचाव की तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने तथा जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम संबंधी चेतावनियों को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने उत्तराखंड के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब के आसपास बर्फ से ढकी चोटियों ने जहां प्राकृतिक नजारा बदल दिया है, वहीं तापमान में गिरावट से ठंड भी बढ़ गई है। फिलहाल अगले दो दिनों के मौसम को देखते हुए प्रशासन की नजर चारधाम मार्गों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों पर बनी हुई है।