चमोली जिले का बेटा पाकिस्तान बॉर्डर पर 6 दिन से लापता, रो-रोकर मां ने कहा- ल्ये क आवा..देखिए

जब से जवान राजेंद्र सिंह नेगी के लापता होने की मनहूस खबर घर पहुंची है, तब से घर में कोहराम मचा है...
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बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

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Dehradun: Indian army soldier reached Pakistan by slipping in snow
Image: Indian army soldier reached Pakistan by slipping in snow

चमोली: ये वीडियो आप तक पहुंचाते हुए हमें बहुत दुख हो रहा है। वीडियो में दिख रही महिला जवान राजेंद्र सिंह नेगी की मां हैं। वही राजेंद्र सिंह जो कि कश्मीर में ड्यूटी के दौरान बर्फ पर फिसलते हुए पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए थे। तब से अब तक जवान का कुछ पता नहीं चला है। सेना उनकी खोज में लगी है। जवान के परिजन चाहते हैं कि राजेंद्र सिंह नेगी की वापसी के लिए भारत सरकार वैसी ही सख्ती दिखाए, जैसी विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के वक्त दिखाई थी। जब से राजेंद्र के लापता होने की मनहूस खबर घर पहुंची है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रो-रोकर बेसुध हो गई है। परिवार वालों ने खाना छोड़ दिया है। उन्हें सेना के प्रयासों पर पूरा भरोसा है, पर वो चाहते हैं कि भारत सरकार भी इस मामले में संज्ञान ले। लापता जवान की खोज के लिए प्रयास किए जाएं। आगे देखिए वीडियो

जवान राजेंद्र सिंह नेगी गढ़वाली राइफल्स में हैं। वो बीते अक्टूबर में एक महीने की छुट्टी लेकर देहरादून आए थे। राजेंद्र सिंह नेगी का परिवार अंबीवाला सैनिक कॉलोनी में रहता है। नवंबर में उन्होंने एक बार फिर ड्यूटी ज्वाइन की। उनकी तैनाती कश्मीर के गुलमर्ग में थी। बीती 8 जनवरी को उनकी पत्नी राजेश्वरी को एक फोन आया, जिसमें यूनिट के अधिकारियों ने बताया कि हवलदार राजेंद्र सिंह लापता हैं। वो बर्फ में फिसलते हुए पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हो गए थे। जब से राजेंद्र लापता हुए हैं, उनके परिजनों का बुरा हाल है। मां के आंसू नहीं थम रहे। वो घर पर आने-जाने वाले हर शख्स से बेटे को वापस लौटा लाने की गुहार लगाती दिखती हैं।

हवलदार राजेन्द्र नेगी की माता जी का रो रो कर बुरा हाल है।

कश्मीर के गुलमर्ग मै ड्यूटी के दौरान बर्फ मैं फिसल कर पाकिस्तान सींमा मैं पहुचने की आंशका।

Posted by बोलता उत्तराखंड़ on Sunday, January 12, 2020

यही हाल राजेंद्र की पत्नी और बच्चों का भी है। परिवार अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है। राजेंद्र के भाई कुंदन सिंह ने कहा कि अब उनकी उम्मीद सिर्फ भारत सरकार पर ही टिकी है, सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए। उनके भाई की सकुशल रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।