गढ़वाल राइफल का जवान लापता, जनरल रावत ले सकते हैं बड़ा फैसला..जल्द मिलेगी अच्छी खबर

लापता जवान राजेंद्र सिंह के बारे में फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है, जवान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है...
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जवान राजेन्द्र सिंह: Indian army soldier from Uttarakhand missing from Pakistan border
Image: Indian army soldier from Uttarakhand missing from Pakistan border

देहरादून: सैन्य भूमि उत्तराखंड के लिए ये बहुत मुश्किल वक्त है। उत्तराखंड का एक जांबाज लाल लापता है। हवलदार राजेंद्र सिंह की सलामती के लिए दुआएं हो रही हैं। लापता जवान के परिजन मां भराड़ी देवी से प्रार्थना कर रहे हैं। बेटे की कुशलता के लिए दुआएं मांग रहे हैं। देहरादून के रहने वाले हवलदार राजेंद्र सिंह बीती 8 जनवरी से लापता हैं। वो गढ़वाल राइफल्स में हैं। कश्मीर के गुलमर्ग में तैनाती के दौरान राजेंद्र सिंह बर्फीले इलाके में फिसल कर पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हो गए थे। तब से राजेंद्र के बारे में कोई सूचना नहीं मिली। जवान के परिजनों ने भारत सरकार से मदद की अपील की है। जवान के परिजनों की मदद के लिए मसूरी विधायक गणेश जोशी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत से फोन पर बात भी की। रविवार को विधायक गणेश जोशी जवान के परिजनों से मिले। उन्होंने कहा कि उनकी चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत से फोन पर बात हुई है। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। जवान को लेकर जल्द ही कोई अच्छी खबर मिलेगी

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हवलदार राजेंद्र सिंह का परिवार प्रेमनगर स्थित सैनिक कॉलोनी में रहता है। वो मूलरूप से चमोली के पज्याणां गांव के रहने वाले हैं। जब से हवलदार राजेंद्र के लापता होने की खबर गांववालों को मिली है, गांववाले परेशान हैं। लोग उनकी कुशलता के लिए मां भराड़ी देवी के मंदिर में पूजा कर रहे हैं। राजेंद्र सिंह के भाई कुंदन सिंह और अवतार सिंह अपने पिता रतन सिंह के साथ देहरादून गए हैं। विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी जवान के परिजनों से मुलाकात की। गांववालों ने बताया कि राजेंद्र साल 2002 में सेना में भर्ती हो गए थे। उनका परिवार देहरादून में रहता है, फिर भी वो हर साल अपने गांव पज्याणां आते रहते थे। वो हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के हैं, गांव वालों ने प्रदेश सरकार से लापता जवान की तलाश के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगने की अपील की।