उत्तराखंड: चलती बस में ड्राइवर की पिटाई, खाई में गिरने से बची 35 लोगों से भरी बस

रोडवेजकर्मी चलती बस में ड्राइवर से मारपीट करने लगे, ड्राइवर ने समय पर ब्रेक ना लगाए होते तो बस सीधे खाई में गिरती...
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परिवहन निगम: Driver beaten in running roadways bus full of passengers
Image: Driver beaten in running roadways bus full of passengers

अल्मोड़ा: उत्तराखंड रोडवेज अक्सर विवादों में रहती है। रोडवेजकर्मी बसों में शराब की तस्करी करते पकड़े जाते हैं। नशे में धुत होकर गाड़ी चलाते हैं और भी ना जाने क्या-क्या? पर इस बार तो हद ही हो गई। अल्मोड़ा में चलती बस में रोडवेजकर्मी आपस में भिड़ गए। झगड़ा बढ़ने लगा। जिसके बाद हाथापाई शुरू हो गई। बस चला रहे ड्राइवर संग मारपीट होने लगी। ये देख बस में सवार लोगों की जान हलक में अटक गई। चलती बस में ड्राइवर संग मारपीट के दौरान बस खाई में गिरने वाली थी, पर भगवान का शुक्र है कि ऐसा हुआ नहीं। झगड़े के दौरान ड्राइवर ने किसी तरह बस पर नियंत्रण बनाए रखा। उसने समय रहते ब्रेक लगा दिए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस तरह बस में सवार 35 लोगों की जान बाल-बाल बची

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घटना गनियाद्योली इलाके की है। जहां मासी-दिल्ली के बीच चलने वाली रोडवेज बस (यूके07टीए2866) 35 यात्रियों को लेकर हल्द्वानी जा रही थी। इसी दौरान रोडवेजकर्मियों के बीच विवाद हो गया। झगड़े की वजह क्या है, ये भी बताते हैं आरोप है कि ड्राइवर गिरधर सिंह ने बीएसएनएल दफ्तर के पास रोडवेजकर्मी लोकपाल सिंह और प्रमोद जोशी के लिए बस नहीं रोकी। दोनों कर्मचारी दूसरे वाहन से आगे पहुंच गए और किसी तरह बस में चढ़ने में कामयाब रहे। इसके बाद रोडवेजकर्मियों ने ड्राइवर संग हाथापाई शुरू कर दी। गनियाद्योली तक पहुंचते-पहुंचे हालात बेकाबू हो गए। चश्मदीदों ने बताया कि गनियाद्योली कस्बे में रोडवेज बस दुकानों से टकराने वाली थी। ड्राइवर ने बस नहीं रोकी होती तो बस सीधे खाई में गिरती। खैर ड्राइवर से ने किसी तरह बस रोक तो दी, लेकिन घटना से यात्री बहुत नाराज थे। उन्होंने रोडवेज के एआरएम को फोन कर घटना के बारे में बताया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं रानीखेत डिपो के एआरएम देशराज अंबेडकर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है, लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।