देवभूमि में नेक काम, गरीबों के लिए खुली ‘भलाई की दीवार’..आप भी जरूरतमंदों की मदद कीजिए

आमतौर पर दीवारें बंटवारा करती है, पर कोटद्वार में बनी ‘भलाई की दीवार’ लोगों को आपस में जोड़ रही है...
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कोटद्वार भलाई की दीवार: kotdwar nagar nigam initiative for poor
Image: kotdwar nagar nigam initiative for poor

पौड़ी गढ़वाल: कोटद्वार...महर्षि कण्व की तपस्थली। ये वो जगह है जिसने देश को ‘भारत’ नाम दिया, उसे नई पहचान दी। गढ़वाल के इसी शहर में एक दीवार बनाई गई है, जो कि इन दिनों खूब सुर्खियों में है। आमतौर पर दीवारें बंटवारा करती है। पर कोटद्वार में बनी ये दीवार लोगों को आपस में जोड़ती है...उन्हें इंसानियत के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए प्रेरित करती है। तभी तो इस दीवार को ‘भलाई की दीवार’ नाम दिया गया है। दीवार बनाने का उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना है। दीवार पर एक लाइन लिखी गई है ‘जिसके पास ज्यादा है वो छोड़ जाएं और जिसके पास नहीं है वो ले जाएं’। इस दीवार में हैंगर लगे हैं, जिन पर लोग जरूरतमंदों के लिए कपड़े छोड़कर जा सकते हैं। ये कपड़े ठंड से ठिठुर रहे गरीब-जरूरतमंदों को दिए जाएंगे।

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शहर में हुई इस सराहनीय पहल का श्रेय नगर निगम को जाता है। निगम ने बदरीनाथ रोड पर तहसील के पास 'भलाई की दीवार' बनाई है। जिसका उद्घाटन मेयर हेमलता नेगी ने किया। दीवार बनाने का उद्देश्य जरूरतमंदों को जरूरी सामान और गर्म कपड़े मुहैया कराना है। मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि नगर निगम हर वर्ग के लिए कुछ अच्छा करने का प्रयास कर रहा है। ‘भलाई की दीवार’ बनाने की शुरुआत बदरीनाथ रोड से की गई है। अच्छे नतीजे मिलने पर शहर की 6 और जगहों पर ‘भलाई की दीवार’ बनाई जाएगी। मेयर ने लोगों से गर्म कपड़े दान करने की अपील भी की, ताकि इन्हें जरूरतमंदों को दिया जा सके।