16 कुमाऊं रेजिमेंट के हवलदार इंदर सिंह हिमालय की 12 से ज्यादा चोटियों पर तिरंगा फहरा कर देश को गौरवान्वित कर चुके हैं। काम के प्रति ईमानदारी और दूसरी गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले जवान इंदर सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया...
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कोमल
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Indar singh gets sena medal
अल्मोड़ा: हिमालय के बेटे हिमालय जैसा साहस रखते हैं। बात चाहे देश की रक्षा की हो या फिर चुनौतियों पर जीत हासिल करने की, यहां के जवान हर मोर्चे पर सफल रहे हैं। इन्हीं जवानों में से एक हैं 16 कुमाऊं रेजिमेंट के हवलदार इंदर सिंह, जो कि हिमालय की 12 से ज्यादा चोटियों पर तिरंगा फहरा कर देश को गौरवान्वित कर चुके हैं। जवान इंदर सिंह अधिकारी अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा समर्पित रहे। काम के प्रति इसी ईमानदारी और दूसरी गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले जवान इंदर सिंह को सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। इंदर सिंह रानीखेत के नैनी मजखाली क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्हें ड्यूटी के प्रति समर्पण कार्य के लिए सेना मेडल दिया गया।
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गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें ये सम्मान दिया गया। इंदर सिंह का जन्म साल 1982 में रानीखेत में हुआ। उनकी एडवेंचर स्पोर्ट्स में रुचि रही है। साल 2001 में वो सेना में भर्ती हुए। जिसके बाद उन्हें सेना के पर्वतारोहण दल में शामिल कर लिया गया। इंदर सिंह ने साल 2007 में सेना के हाई अल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल से 6 महीने की कठिन ट्रेनिंग ली है। उन्हें बेस्ट स्टूडेंट का अवॉर्ड भी मिल चुका है। 16 मई 2019 में उन्होंने विश्व की पांचवी सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालू पर तिरंगा फहराया। वो माउंट एवरेस्ट, माउंट त्रिशूल, माउंट राजरंभा, माउंट शिवलिंग समेत हिमालय की 12 से ज्यादा ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुके हैं। गणतंत्र दिवस पर उन्हें सेना मेडल से नवाजा गया।