समाज में बदलाव लाना है तो शुरुआत खुद से करनी होगी। पाही गांव के प्रधान दिनेश रावत इस बात को अच्छी तरह समझते हैं, इसीलिए गांव में शराबबंदी की शुरुआत उन्होंने अपने घर से की। दिनेश ने बेटी की शादी में शराब ना परोसने का संकल्प लिया है....
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कोमल
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Image: Liquor will not be served in paahi gram panchayat
उत्तरकाशी: पहाड़ नशे की लत के लिए बदनाम है। बिना दारू के पहाड़ में कोई समारोह नहीं होता। समारोह कितना ही शानदार हो, लेकिन अगर लोगों को शराब पार्टी नहीं दी, तो सारा मजा किरकिरा हो जाता है। शराबखोरी के नुकसान सब जानते हैं। शराब पार्टी का चलन खत्म भी करना चाहते हैं, पर सामाजिक मजबूरियां और हर किसी को खुश करने की चाह उन्हें ऐसा करने से रोकती है। उत्तरकाशी के रहने वाले दिनेश रावत भी चाहते तो ऐसा कर सकते थे, पर उन्होंने अपनी बेटी की शादी को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। दिनेश रावत भटवाड़ी ब्लॉक में आने वाली पाही ग्राम पंचायत के प्रधान हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी में शराब ना परोसने का संकल्प लिया है। 3 और 4 फरवरी को ग्राम प्रधान दिनेश रावत की बेटी मधु की शादी है। बेटी का रिश्ता पाला गांव में रहने वाले अंकित के साथ तय हुआ है। दिनेश कहते हैं कि शराब की लत समाज को बर्बाद कर रही है।
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आजकल कोई भी आयोजन शराब के बिना संभव नहीं होता। ऐसे में हमने गांव को शराब मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। और इसकी शुरुआत मैंने अपने परिवार से की है। बेटी मधु के विवाह समारोह में शराब नहीं परोसी जाएगी। ग्राम प्रधान दिनेश रावत के इस फैसले की खूब तारीफ हो रही है। दिनेश रावत के इस फैसले के अच्छे परिणाम सामने आएंगे। अगर गांव का प्रधान शराब पार्टी को ना कहेगा, तो गांव के दूसरे लोग भी विवाह समारोह में शराब नहीं परोसेंगे। शराब के बगैर भी शादी और अन्य शुभ कार्य अच्छी तरह संपन्न हो सकते हैं। पहाड़ के दूसरे ग्राम प्रधानों को भी अपने क्षेत्र में शराबबंदी के लिए इस तरह के प्रयास करने चाहिए, ताकि पहाड़ और पहाड़ियों के माथे पर लगा नशाखोरी का कलंक मिटाया जा सके।