श्रीनगर गढ़वाल में गुलदार की दस्तक से खौफज़दा लोग, बच्चों का स्कूल जाना भी दूभर

श्रीनगर में स्कूल से लौट रहे बच्चों ने गुलदार को गांव के पास मंडराते देखा। तब से बच्चे डरे हुए हैं। वो अब स्कूल नहीं जाना चाहते, लोग भी बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे...
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
forest department: Srinagar panic of guldar forest department constitutes rapid rescue team
Image: Srinagar panic of guldar forest department constitutes rapid rescue team

पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ में गुलदार आतंक का सबब बने हुए हैं। उत्तराखंड का ऐसा कोई जिला नहीं जहां गुलदार के हमले की घटनाएं ना हुई हों। नरभक्षी गुलदार मारे भी जा रहे हैं, पर ज्यादातर जगहों पर अब भी गुलदार की दहशत कायम है। श्रीनगर से सटे कीर्तिनगर-देवप्रयाग ब्लॉक में गुलदार की धमक लगातार बढ़ती जा रही है। लोग घरों से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। महिलाएं पशुओं के लिए चारा लेने के लिए जंगल नहीं जा रही। लोग अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे। कीर्तिनगर-देवप्रयाग के लोग पिछले दो महीने से गुलदारों की दस्तक से खौफजदा हैं। माणिकनाथ रेंज में गुलदार अब तक दो लोगों को अपना निवाला बना चुका है। गुलदार जंगलों से निकल कर इंसानी बस्तियों में दाखिल होने लगे हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बर्फबारी में फंसे 30 लोगों के लिए देवदूत बने SDRF जवान, हिम्मत को सलाम
मणिकनाथ रेंज में कुछ समय पहले गुलदार ने दो लोगों को मार दिया था। जिसके बाद वन विभाग ने शूटरों की टीम बुलाई। जिन्होंने गुलदार को ढेर कर दिया। नरभक्षी गुलदार के मारे जाने के बाद लोगों को राहत मिली है, पर उनके मन से डर खत्म नहीं हुआ है। इलाके में गुलदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। वन विभाग रेंज के ग्वाड़, धारी, डांगचोरा, दुगड्डा, सिन्धरी, खोला, और देवप्रयाग के इलाकों में अब भी गुलदार सक्रिय है। जिस वजह से लोग डरे हुए हैं। सिलगांव में स्कूल जा रहे बच्चों ने दोपहर में गुलदार को अपने गांव के आस-पास मंडराते देखा, जिसके बाद से वो स्कूल नहीं जा रहे। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि लोगों के मन से डर को खत्म किया जा सके।