उत्तराखंड में गुलदार का आतंक, दहशत में ग्रामीण.. वन विभाग पर उठे सवाल

Uttarakhand News: कनालीछीना ब्लॉक में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। हाल ही में एक घर पर हमले के बाद लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग की है।
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Kanalichhina leopard attack: Leopard terror in  Kanalichhina block
Image: Leopard terror in Kanalichhina block

पिथौरागढ़: Kanalichhina ब्लॉक में इन दिनों गुलदार की बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। सतगढ़ गांव के पास बीती रात एक गुलदार ने दीपक कापड़ी के घर पर हमला कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

Leopard terror in Uttarakhand's Kanalichhina block

जानकारी के अनुसार, गुलदार ने घर में घुसकर पालतू कुत्ते को निशाना बनाया। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर भाग गया। हालांकि इस घटना ने पूरे गांव को खौफ में डाल दिया है।
स्थानीय निवासी दीपक कापड़ी का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय के आसपास भी अक्सर गुलदार दिखाई दे रहा है। हालत यह है कि शाम ढलते ही लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं का खेतों में काम करना तक मुश्किल हो गया है। आगे पढ़िए..

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इलाके में न तो नियमित गश्त हो रही है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तुरंत गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।

पहले भी हो चुके हैं हमले

कनालीछीना क्षेत्र में गुलदार का खतरा पहले भी कई बार सामने आ चुका है। मवेशियों पर हमले की घटनाएं पहले भी हुई हैं, लेकिन अब रिहायशी इलाकों तक पहुंचना लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। लगातार बढ़ते खतरे और प्रशासन की धीमी कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द गुलदार को नहीं पकड़ा गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कनालीछीना में बढ़ता गुलदार का आतंक ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।