dobra chanti bridge टिहरी झील पर बन रहा डोबरा-चांठी पुल देश का सबसे लंबा सस्पेंशन ब्रिज है, पुल को आकर्षक बनाने के लिए इस पर अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जिस पर पांच करोड़ की लागत आएगी...
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komal
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Image: Chanthi dobra bridge will be ready in march
टिहरी गढ़वाल: टिहरी झील पर बन रहा dobra chanti bridge प्रदेश में पर्यटन का आधार बनेगा। बात चाहे सुरक्षा की हो या फिर सुंदरता की...ये पुल हर पैमाने पर खरा उतरेगा। डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज भी दिल्ली के सिग्नेजर ब्रिज की तरह जगमगाएगा। पुल को आकर्षक बनाने के लिए इस पर अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जिस पर पांच करोड़ की लागत आएगी। ये प्रदेश का पहला ऐसा पुल है, जिस पर फसाड लाइट लगाई जा रही है। लोनिवि की इलेक्ट्रिकल विंग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। मार्च से पहले लाइटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। पुल पर लगने वाले लाइटिंग सिस्टम में क्या खास होगा, ये भी बताते हैं। यहां लाइटिंग सिस्टम में 20 तरह की थीम अपलोड की जाएंगी। यानि हर फेस्टिवल पर पुल की लाइटिंग अलग-अलग रोशनी बिखेरेगी।
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होली, दीवाली, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे मौकों पर पुल अलग-अलग तरह की रोशनी से जगमगाएगा। चलिए अब आपको फसाड लाइट के बारे में बताते हैं। फसाड खास तरह की लाइट होती है। ये जहां पर लगती है, वहीं पर फोकस रहती है। फसाड लाइट की रोशनी इधर-उधर नहीं बिखरती। दिल्ली में संसद भवन और सिग्नेचर ब्रिज के साथ-साथ कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर यही लाइट लगी है। अब ये लाइट उत्तराखंड में बने dobra chanti bridge पर लगाई जा रही है। पुल पर बूम बैरियर भी लगाए जाएंगे। पुल की भार क्षमता 16 टन है। इससे ज्यादा वजन के वाहन पुल पर नहीं जा सकेंगे। पुल के दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। डोबरा चांठी पुल का फायदा टिहरी ही नहीं उत्तरकाशी के लोगों को भी होगा। ये डबल लेन पुल है, जिसकी लंबाई 440 मीटर है। भारत में 440 मीटर लंबाई वाला ये पहला डबल लेन पुल है। शुरुआत के वक्त डोबरा-चांठी पुल के लिए 89 करोड़ की लागत तय हुई थी, आज ये पुल 325 करोड़ रुपये के बजट को पार कर चुका है।