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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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उत्तरकाशी: रास्ते हैं तो मंजिलें हैं, मंजिलें हैं तो हौसला है, हौसला है तो विश्वास है और विश्वास है तो जीत है। जिंदगी का ये फलसफा उत्तरकाशी के नगांणगांव की बेटी किरन चौहान पर फिट बैठता है। एक गांव से निकलकर देश की सबसे टॉप यूनिवर्सिटी में जाना, वहां पहाड़ के विलुप्त हो रहे संगीत पर पीएचडी करना और फिर यूजीसी नेट क्वालीफाई करना। बुलंदी की ये कामयाब कहानी बेमिसाल है। हौसले को अपनी मुट्ठी में भरकर कामयाबी की उड़ान भरने वाली इस बेटी की कहानी भी दिलचस्प है। नगांणगांव की रहने वाले भरत सिंह चौहान की बेटी किरन तीन भाइयों की इकलौती बहन हैं। किरन गांव से जरूर हैं लेकिन जिंदगी में सपनों का सूरज हमेशा चमकता रहा। किरन ने अच्छी मैरिट के साथ यूजूसी नेट क्वालीफाई किया है। किरन वो बेटी हैं जो उत्तराखंड की रवाईं के विलुप्त संगीत के विषय में वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान से PHD कर रही हैं।