डीएम ने क्षेत्र के अलग-अलग सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से सवाल भी पूछे, पर ज्यादातर स्कूलों के बच्चे सवालों का सही जवाब नहीं दे सके...
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कोमल
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Image: Students could not answer dm question
बागेश्वर: पहाड़ में सरकारी स्कूलों के हाल बुरे हैं। कहीं स्कूल भवन बदहाल है, तो कहीं शिक्षक नहीं हैं। जहां ये दोनों हैं, वहां भी बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधर नहीं पा रहा। ऐसा ही कुछ बागेश्वर में देखने को मिला। जहां डीएम रंजना राजगुरु स्कूलों-अस्पतालों का निरीक्षण करने गई हुईं थी। सरकारी स्कूल पहुंचीं डीएम ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से सवाल पूछे, पर बच्चे सही जवाब नहीं दे पाए। डीएम रंजना राजगुरु प्राथमिक विद्यालय कांडेकन्याल और स्वतंत्रता सेनानी जगत सिंह माजिला इंटर कॉलेज के निरीक्षण के लिए आईं थीं। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से कई सवाल पूछे। लेकिन बच्चे एक-दूसरे का मुंह ताकते रहे। सरकारी स्कूल का ये हाल देख डीएम बिफर पड़ीं। उन्होंने शिक्षकों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा दें। शिक्षा की गुणवत्ता में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षक पढ़ाने का तरीका बदलें, अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। जो शिक्षक ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांडा का भी औचक निरीक्षण किया। यहां स्थिति फिर भी बेहतर थी। डीएम ने कक्षा 6 से 12वीं तक हर कक्षा में जाकर छात्राओं से सवाल पूछे। सवालों के सही जवाब भी मिले, जिस पर डीएम ने खुशी जाहिर की। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल ने स्कूल में पेयजल संबंधी इंतजाम कराने की मांग रखी। डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही डॉक्टर्स से कहा कि मरीजों को सभी दवाएं अस्पताल से उपलब्ध कराएं, बाहर से दवाइयां लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।