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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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बागेश्वर: उत्तराखंड के रहने वाले डॉ. नारायण सिंह धर्मशक्तू को अंतरराष्ट्रीय गांधी अवॉर्ड-2019 से सम्मानित किया गया। उन्हें ये सम्मान कुष्ठ रोग उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए प्रदान किया गया। बीते 6 फरवरी को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डॉ. नारायण सिंह धर्मशक्तू को अंतरराष्ट्रीय गांधी अवॉर्ड से नवाजा। डॉ. नारायण सिंह धर्मशक्तू को यह पुरस्कार व्यक्तिगत श्रेणी में प्रदान किया गया है। डॉ. धर्मशक्तू बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील में आने वाले गांव कनोली पालनधरा में रहते हैं। वो भारत सरकार में बतौर सलाहकार सेवा दे चुके हैं। पिछले साल जुलाई में वो अपने पद से रिटायर हुए। डॉ. धर्मशक्तू की शुरुआती पढ़ाई अल्मोड़ा के सरकारी इंटर कॉलेज में हुई। बाद में वो एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए केजीएमसी लखनऊ गए।