प्रदेश में चैलेंजर ट्रॉफी (Women challenger trophy in uttarakhand) की तर्ज पर राज्य स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। टूर्नामेंट में जो लड़कियां बेहतरीन प्रदर्शन करेंगी, उन्हें दूसरे राज्यों के साथ क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा...
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Women challenger trophy will be held in Uttarakhand
नैनीताल: एक वक्त था जब क्रिकेट को सिर्फ पुरुषों का खेल माना जाता था। इस खेल में पुरुषों का दबदबा हुआ करता था, लेकिन बदलते वक्त के साथ बेटियां भी इस खेल में एंट्री कर चुकी हैं और शानदार प्रदर्शन भी कर रही हैं। पहाड़ की बेटियां नेशनल क्रिकेट टीम में खेल चुकी हैं। अब यहां कि बेटियों को क्रिकेट के क्षेत्र में बड़े मौके देने के लिए खास प्लानिंग की गई है। प्रदेश में चैलेंजर ट्रॉफी (Women challenger trophy in uttarakhand) की तर्ज पर राज्य स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराया जाएगा। ज हां ये जानकारी बीसीसीआई उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने दी है। वैसे जबसे उत्तराखंड के महिम वप्मा को बीसीसीआई उपाध्यक्ष चुना गया है, तबसे वो उत्तराखंड में क्रिकेट की अनगिनत संभावनाएं तलाश कर रहे हैं। अब आपको इस टूर्नामेंट के बारे में भी खास बातें बता देते हैं। आगे पढ़िए
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इस टूर्नामेंट में जो लड़कियां बेहतरीन प्रदर्शन करेंगी, उन्हें दूसरे राज्यों के साथ क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। हर जिले में उन बेटियों के भविष्य को संवारा जाएगा, जो आगे चलकर क्रिकेट में कुछ करना चाहती हैं। अच्छी बात ये है कि इस वूमन चैलेंजर ट्रॉफी में जो बेटियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी, उन्हें आगे भी मौका मिलेगा और दूसरे राज्य की टीमों के खिलाफ वो खेल सकेंगे। अगर वहां भी प्रदर्शन अच्छा रहता है, तो बीसीसीआई द्वारा उन्हें बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयार किया जाएगा। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये तमाम जानकारी दी। हल्द्वानी में हुई प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने कहा कि वो जल्द ही दस दिनों तक जिलेवार दौरा कर अच्छे खेल मैदान की संभावनाएं तलाशेंगे, ताकि नए मैदान और संसाधन विकसित किए जा सकें। आगे भी पढ़िए
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उत्तराखंड में वूमन चैलेंजर ट्रॉफी (Women challenger trophy in uttarakhand) के साथ ही बीसीसीआई उपाध्यक्ष ने कुछ और भी बातेें बताई। उन्होंने कहा कि हमें ब्लॉक और स्कूल स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने की जरूरत है। उन्हें प्रोत्साहन देने की जरूरत हैं, क्योंकि यही प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेलों का भविष्य बनेंगे। सही समय पर ट्रेनिंग की शुरुआत कर उन्हें बेहतरीन खिलाड़ी के तौर पर तैयार किया जाना चाहिए। प्रतिभाओं को पहचानने के लिए जल्द ही राज्य में टूर्नामेंट कराए जाएंगे। भविष्य में गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक एकेडमी शुरू करने की योजना भी है। जिसमें प्रोफेशनल कोच नियुक्त किए जाएंगे। अब तक अंडर-16 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को ही स्कॉलरशिप दी जाती है। जल्द ही अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए भी स्कॉलरशिप स्कीम शुरू की जाएगी। देहरादून में हर साल वार्षिक समारोह का आयोजन भी होगा, जिसमें साल भर में क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।