दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी एनएसए अजीत डोभाल को दी गई है, देर रात एनएसए अजीत डोभाल सलीमपुर पहुंचे, जहां उन्होंने अलग-अलग समुदायों के नेताओं से बातचीत की...
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कोमल नेगी
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Image: Nsa ajit dobhal review security situation in different parts of delhi
पौड़ी गढ़वाल: दिल्ली में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। मंगलवार देर शाम चार इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया। हिंसा में अब तक 18 लोग मारे जा चुके हैं। घायलों की संख्या 186 तक पहुंच गई है। जिनमें दो आईपीएस अधिकारी समेत 56 पुलिसकर्मी शामिल हैं। दिल्ली में हिंसा को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को सौंप दी गई है। कल रात उन्होंने सलीमपुर, जाफराबाद और उत्तर पूर्वी दिल्ली के दूसरे इलाकों का दौरा किया। वहां उन्होंने अलग-अलग समुदायों के नेताओं से बातचीत भी की। एनएसएस अजीत डोभाल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। वह प्रधानमंत्री और कैबिनेट को दिल्ली के हालात के बारे में जानकारी देंगे। दिल्ली के जो इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं उनमें मौजपुर, जाफराबाद, बाबरपुर और करावलनगर शामिल हैं। मंगलवार रात एनएसए अजीत डोभाल ने इन इलाकों के हालात का जायजा लिया। उन्होंने सलीमपुर का दौरा किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक भी उनके साथ रहे।
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एनएसए डोभाल मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे सीलमपुर स्थित नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी कार्यालय पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। डोभाल ने इलाके में मौजूदा हालात के बारे में पुलिस से जानकारी ली। डोभाल ने करीब एक घंटे अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विशेष कमिश्नर सतीश गोलचा समेत कई अधिकारी शामिल हुए। मीटिंग के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी गाड़ी से सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अब राजधानी में कानून व्यवस्था की कोई कमी नहीं होगी। पर्याप्त संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस को स्थिति नियंत्रण के लिए खुली छूट दे दी गई है। आपको बता दें कि पिछले तीन दिनों से उत्तर पूर्वी दिल्ली में जारी हिंसा में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है।