उत्तराखंड में सदियों बाद बनते हैं ऐसे गीत, इस गीत ने हर आंख नम कर दी..आप भी देखिए

एक गीत...जिसमें पहाडों की सबसे बड़ी समस्या, स्वास्थ्य समस्या को दर्शाया है। गीत का अंत ज़मीनी स्तर से जुड़ा हुआ है और बहुत ही गहरी बात कही गयी है। इस वीडियो को देखिए और उस पीड़ा को समझने की कोशिश कीजिए..पढ़िए अनुष्का ढौंढियाल का रिव्यू
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प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

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Achhri garhwali song: Rajya sameeksha song aachri garhwali song
Image: Rajya sameeksha song aachri garhwali song

उत्तरकाशी: ये गीत देखकर ही किसी की भी आँखें भर आएंगी। हम पहाडों संस्कृति, भाषा और कल्चर तो बचा लेंगे, मगर क्या हम कभी उत्तराखंड के गांव में मर रहे लोगों को बचा पाएंगे? न जाने ऐसे कितने ही लोग होंगे जो गांव में समय से उचित इलाज न मिलने के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। यह पीड़ा सम्पूर्ण पहाड़ की है। उन तमाम लोगों के दुःख को ज़ाहिर करता है राज्य समीक्षा और मंत्रमुग्ध का गीत "आछरी"। राज्य समीक्षा की इस यूट्यूब वीडीओ ने उन तमाम लोगों की पीड़ा को ज़ाहिर किया है जो सही समय पर उचित स्वास्थ्य सेवाओं के उपलब्ध न होने की वजह से दुनिया छोड़ देते हैं। इस वीडियो को बहुत लोगों ने पसन्द किया है और अबतक 1 लाख 40 हज़ार से अधिक व्यूज़ मिले हैं। आछरी वीडियो में प्रेम कहानी दिखाई है मगर बाकी कहानियों की तरह इसकी एंडिंग हैप्पी एंडिंग नहीं होती है। कहानी की बात करें तो पति-पत्नी उत्तराखंड के गांव में रहते हैं। पति मेहनत-मज़दूरी करता है, दोनों मिलकर खेती करते हैं और सन्तुष्टि से जीवन व्यापन कर रहे होते हैं। पत्नी गर्भवती होती है और एक दिन अचानक प्रसव पीड़ा से वो गांव में पानी लाते-लाते बेहोश हो जाती है। गांव के कुछ लोग और नायक मिलकर उसे अस्पताल लेकर जाने की कोशिश करते हैं मगर नाकामयाब होते हैं। नायक अंत तक प्रयास करता है, एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाता है, गाड़ी बुला कर लाता है मगर तमाम कोशिशें बेकार जाती हैं। अंततः स्थानीय औरतों द्वारा बच्चा पैदा कराने की कोशिश में पत्नी को अपनी ज़िंदगी से हाथ धोना पड़ता है। आगे देखिए वीडियो

पूरी वीडियो में वह दृश्य सबसे दर्दनाक था जिसमें वो औरत बच्चे को लेकर उसके पिता के पास जाती है और खबर देती है कि उसकी पत्नी नहीं बच पाई। इस तरह इस वीडियो का अंत होता है जो सभी की आंखों में आँसू ला देता है। यह वीडियो 1 लाख 40 हज़ार से अधिक लोग देख चुके हैं। इस गाने के पीछे राज्य समीक्षा की पूरी टीम की मेहनत रंग लाती दिखी है और समाज को जो सन्देश उन्होंने इस वीडियो के ज़रिए दिया वो भी बहुत ही ज़रूरी था, जिसमें राज्य समीक्षा की पूरी टीम तारीफ की हकदार है। जो पीड़ा उन्होंने वीडियो के ज़रिए व्यक्त करी, वो लोगों के दिल तक सीधी पहुँची है। गाने के बोल लिखे हैं मिथलेश नौटियाल ने और पात्रों को बखूबी निभाया है मिथिलेश नौटियाल और रोशनी खण्डूरी है। मुख्य गायक गोपाल राणा हैं जिनकी आवाज़ ने सबका मन मोह लिया है और शानदार म्यूज़िक दिया है मंत्रमुग्ध ने। शूटिंग उत्तराखंड के ही कुनसाला गांव में हुई है। कुल मिला कर आप भी इस वीडियो को देख डालें और राज्य समीक्षा के द्वारा करी गयी इस सराहनीय पहल को खूब सारा प्रेम दें। आइये अब वीडियो देखते हैं।
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