फैसला बदलते ही कुछ लोग सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सोशल मीडिया पर घेरने लगे। ऐसे आलोचकों को हरदा ने ट्वीट कर करारा जवाब दिया है...
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Coronavirus Uttarakhand:Harish rawat supports cm trivendra singh rawat
देहरादून: कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में हम सबको मिलकर योगदान देना होगा। अच्छी बात ये है कि अब उत्तराखंड के राजनीतिक दल भी इस बात को समझने लगे हैं। राज्य में गाड़ियों की आवाजाही पर रोक के फैसले का स्वागत कर रहे हैं। कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने भी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस फैसले की तारीफ कर आलोचकों को करारा जवाब दिया। दरअसल शनिवार को राज्य सरकार ने 31 मार्च के दिन उत्तराखंड में गाड़ियों की आवाजाही में छूट देने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से फैली। जगह-जगह फंसे लोग राहत महसूस करने लगे, लेकिन अगले ही दिन तगड़ा झटका लग गया। कोरोना के बढ़ते केसेज के मद्देनजर राज्य सरकार ने फैसला वापस ले लिया। जिसके लिए सोशल मीडिया पर त्रिवेंद्र सरकार को जमकर कोसा जा रहा है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की आलोचना हो रही है, हालांकि ज्यादातर लोग अब भी सीएम के फैसले के साथ हैं। हरदा ने भी ट्वीट कर सीएम के फैसले को सराहा। आगे देखिए हरदा का ट्वीट
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के IAS दीपक रावत का नेक काम, लॉकडाउन में बने गरीबों का सहारा..देखिए वीडियो
पूर्व सीएम हरदा ने अपने ट्वीट में लिखा ‘सोशल मीडिया पर 31 मार्च को उत्तराखंड में अंतर जिला आवागमन की अनुमति देने के निर्णय और फिर मुख्यमंत्री द्वारा उस निर्णय को बदलने और अनुमति वापस लेने को लेकर बहुत आलोचनाएं हो रही हैं। मगर मैं मुख्यमंत्री के साथ खड़ा हूं। वो कोरना के खिलाफ लड़ाई में हमारे क्षेत्रीय कमांडर हैं। स्थितियों को देखकर कभी एक रणनीति बनानी पड़ती है, और जब स्थिति बदलती है तो दूसरी रणनीति बनानी पड़ती है। इसलिए जो मुख्यमंत्री जी का निर्णय है, हम सबको उसे सपोर्ट करना चाहिए।’
हरदा के इस ट्वीट ने सबका दिल जीत लिया। ये ट्वीट सीएम के फैसले पर अंगुली उठाने वाले लोगों के लिए भी करारा तमाचा है।
लॉकडाउन हमारे लिए ही है। इससे कुछ दिन मुश्किलभरे रहेंगे, पर हमारी जान तो बच जाएगी। इस बात को हम जितनी जल्दी समझ लें, हमारे हित में होगा।