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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चम्पावत: खटीमा से चुनाव हारने के बावजूद पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के 12वें सीएम बनने में कामयाब रहे। मुख्यमंत्री धामी को अब 23 सितंबर से पहले विधानसभा के लिए निर्वाचित होना है। वो चंपावत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए सीट छोड़ने के बाद अब उपचुनाव की तैयारियों के लिए भाजपाइयों ने कमर कसनी शुरू कर दी है।
उधर कांग्रेस भी सीएम को चुनौती देने के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मंथन कर रही है। उपचुनाव के लिए कांग्रेस पिछले दो चुनाव से प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के साथ दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रही है। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी और लोहाघाट विधायक खुशहाल सिंह अधिकारी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया।
तीनों पर्यवेक्षक चंपावत जिला कांग्रेस व वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श के बाद अपनी रिपोर्ट देंगे। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता में राजीव भवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद थे। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि कांग्रेस उपचुनाव को जीत के लक्ष्य के साथ लड़ेगी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि चंपावत न्याय की धरती है। कांग्रेस वहां न्याय की पुकार लेकर जाएगी। बीजेपी की हार, लोकतांत्रिक शक्तियों और स्थानीय लोगों की जीत होगी। कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ चंपावत का उपचुनाव लड़ेगी। बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उपचुनाव के लिए प्रत्याशी स्थानीय कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के बाद ही तय किया जाएगा। इसके लिए तीन पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही प्रत्याशी का चयन किया जाएगा।