उत्तराखंड में छुपे जमातियों को सीएम Trivendra singh rawatऔर डीजीपी ने आखिरी वक्त दिया गया है। अगर ये बाहर नहीं आए तो इन पर हत्या का केस दर्ज होगा।
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Image: Last warning for Uttarakhand hidden jamati by Trivendra singh rawat
देहरादून: एक तरफ उत्तराखंड के मुखिया Trivendra singh rawat और दूसरी तरफ उत्तराखंड पुलिस के मुखिया...दोनों ने ही छुपे हुए जमातियों के लिए खिलाफ अपने हाथ खोल दिए हैं। उत्तराखंड में 26 लोग कोरोना से पॉजिटिव हैं और इनमें से 19 लोग जमाती हैं। आप समझ सकते हैं कि तबलीगी जमात के बाद हालात किस तरह से बिगड़े हैं। लेकिन ये जमाती हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रहे। ये स्लीपर सेल की तरह अलग अलग जगहों में छुप गए हैं। कोई सब्जी के ट्रक में भाग रहा है, कोई चुपके से बॉर्डर में दाखिल हो रहा है। ऐसे में इन जमातियों को न सिर्फ पकड़ने की जरूरत है बल्कि इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की तैयारी हो गई है। जी हां अगर कल तक ये छुपे जमाती बाहर नहीं निकले, तो इन पर मर्डर का केस दर्ज होगा। उत्तराखंड के सीएम ने साफ कर दिया है कि इन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, तो उधर उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी अनिल रतूड़ी ने भी इन्हें खुली चेतावनी दे दी है। आगे देखिए वीडियो
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उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को जांच से छुपने वाले तब्लीगी जमातियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। साफ हो गया है कि अब उत्तराखंड में जो तबलीगी जमाती छुप रहे हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी हाल में उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उधर उत्तराखंड पुलिस डीजीपी ने भी छुप रहे जमातियों को कल तक का वक्त दिया है। ये वीडियो देखिए
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उत्तराखंड पुलिस डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जहां भी जमाती छिपे हों, वो 6 अप्रैल तक सामने आ जाएं। ताकि उनका समय रहते इलाज किया जा सके। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। डॉक्टर इनकी जांच करेंगे। अगर कोई कोरोना पॉजिटिव मिला तो उसे क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि जो जमाती सामने नहीं आएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही डीजीपी ने एक और बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि अगर किसी जमाती की वजह से गांव या शहर में किसी की मौत हुई, तो ऐसे लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। आपको बता दें कि उत्तराखंड में जमात से लौटने वालों की तादाद एक हजार से ज्यादा है। सीएम त्रिवेन्द्र Trivendra singh rawat ने भी कड़ी चेतावनी दे डाली है।