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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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टिहरी गढ़वाल: ये बात तो आपको पता होगी कि टिहरी गढ़वाल के युवक कमलेश भट्ट की मौत अबू धाबी में हो गई थी। इसके बाद समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की और मृतक के शव को भारत भेजा था। लेकिन हैरानी की बात है कि कमलेश के शव को एयरपोर्ट से ही वापस दुबई भेज दिया गया। लॉकडाउन के चलते शव को वापस भेजा गया। टिहरी गढ़वाल मैं मौजूद कमलेश भट्ट के परिजन शव को भारत वापस लाने की मांग कर रहे हैं। रोशन रतूड़ी ने इस बारे में अपने फेसबुक पेज पर जानकारी भी दी और भारत सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। आपको बता दें कि कमलेश भट्ट तेरी गढ़वाल के सकलाना पट्टी के सेमवाल गांव के रहने वाले थे। वह अबू धाबी के एक कंपनी में काम करते थे और 16 अप्रैल को उनकी वह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। रोशन रतूड़ी ने वादा किया था कि वह कमलेश भट्ट के पार्थिव शरीर को भारत बनाएंगे और उन्होंने अपना वादा निभाया भी। आगे भी पढ़ लीजिए ये खबर