लॉकडाउन के चलते चमोली जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चे अब घर पर बैठे-बैठे ऑफलाइन मोबाइल ई-लर्निंग के जरिये बिना इंटरनेट कनेक्शन के पढ़ाई कर सकते हैं। जानिए डीएम स्वाति भदौरिया (IAS Swati bhadauria) की यह शानदार योजना..
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अनुष्का
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Image: IAS Swati bhadauria offline learning initiative for students in chamoli
चमोली: लॉकडाउन के चलते उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली के ऊपर बहुत भारी प्रभाव देखने को मिला है। कोरोना के कारण बच्चों की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुए सभी स्कूल बंद हैं। घर पर रह रहे बच्चों की ढंग से पढ़ाई न होने की वजह से अभिभावकों की टेंशन बढ़ रखी है। ऐसे में चमोली के सरकारी स्कूलों ने बच्चों को लॉकडाउन के दौरान पढ़ाने के लिए एक अनूठा तरीका निकाला है। चमोली जिले की डीएम स्वाति भदौरिया (IAS Swati bhadauria) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिक्षा के मामले में चमोली किसी से कम नहीं है। अब लॉकडाउन की अवधि में चमोली जिले के सरकारी स्कूल के बच्चे घर पर बैठ कर इंटरनेट के बिना ऑफलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। आपको बता दें कि चमोली की डीएम स्वाति भदौरिया के आदेश पर ही यह मुमकिन हो पाया है। आगे जानिए इस बारे में खास बातें...
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डीएम स्वाति भदौरिया शिक्षा के महत्व को समझती हैं और उनकी बदौलत चमोली जिले की शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव हुए हैं। डीएम स्वाति भदौरिया ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी है। इसलिए लॉकडाउन के चलते उन्होंने चमोली के सभी सरकारी स्कूलों में ऑफलाइन मोबाइल ई-लर्निंग व्यवस्था शुरू की है। आइये ऑफलाइन मोबाइल ई-लर्निंग व्यवस्था के बारे में थोड़ा संक्षिप्त से जानते हैं। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों या अभिभावकों को टीचर्स द्वारा अपलोड की गई ऑडियो या वीडियो डाउनलोड करनी पड़ेगी। वीडियो डाउनलोड करने के बाद वो ऑफलाइन मोड में आ जाएगी। यानी कि बिना इंटरनेट के विद्यार्थी जितनी बार चाहे वीडियो देख सकते हैं और अध्ययन कर सकते हैं। आगे भी जानिए इसकी शानदार बातें...
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ऑफलाइन वीडियो वाला आइडिया ऑनलाइन क्लासेस से ज्यादा बेहतर है क्योंकि इसमें बच्चा बार-बार बिना इंटरनेट के वीडियो देख कर ढंग से अध्ययन कर सकता है और साथ ही इसमें नेटवर्क के कारण स्लो इंटरनेट की समस्या भी नहीं आएगी। शुक्रवार को डीएम स्वाति भदौरिया ने शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करी। बैठक में उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ टीचरों के माध्यम से हर कक्षा के किन्हीं दो कठिन विषयों को लर्निंग ऑडियो और वीडियो तैयार कर ग्रुप के माध्यम से बच्चों को पढ़ाएं। डीएम स्वाति भदौरिया (IAS Swati bhadauria) के द्वारा बनाई गई ये योजना काबिल ए तारीफ है जिससे विद्यार्थी घर पर बैठ कर ही स्कूल जैसी पढ़ाई कर पाएंगे। जिस तरह से डीएम जिले के छात्रों के लिए काम कर रही हैं, वो वास्तव में प्रेरणादायक है।