गढ़वाल की वंदना के लिए रोशन रतूड़ी ने उठाई आवाज..कहा-गरीब बेटी को इंसाफ कब?

टिहरी गढ़वाल की वंदना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं आई ? रोशन रतूड़ी ने मुखर होकर आवाज उठाई है।
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Tehri Garhwal News: Roshan raturi takes stand for tehri garhwal vandana
Image: Roshan raturi takes stand for tehri garhwal vandana

टिहरी गढ़वाल: टिहरी गढ़वाल में कुछ दिन पहले एक दुखद खबर सामने आई थी। वंदना की मौत कैसे हुई? ये अब तक बड़ा सवाल है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर बहुत कुछ निर्भर करता है। ऐसे में समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने वंदना को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज मुखर की है। उनका कहना है कि आखिर कब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी और कब दषियों को सख्त सजा मिलेगी ? 22 साल की वंदना...वो अब इस दुनिया मे नही है। पुलिस एक तरफ से इस मामले की जांच कर रही है लेकिन मामले में शक के घेरे में पति भी है। वंदना के पति जीत सिंह कोहली जो कि पेशे से अध्यापक हैं। पिता पर आरोप है कि वो पत्नी से मार पीट करता था। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी चुप रहकर सब कुछ सहन करती थी। आरोप है कि मारपीट की ये घटना शादी के 2 दिन बाद से ही शुरू हो गयी थी। सबसे बड़ा प्रश्न चिह्न उस 3 महीने की बेटी पर लग गया है, जिसे वंदना अपने पीछे अकेला छोड़ गई है। आगे पढ़िए

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वंदना के पति जीत सिंह कोहली पर ये भी आरोप है कि वो पहले भी एक लडक़ी को भगाकर घर लाए थे और फिर उसे भी छोड़ दिया था। उसके बाद इनका रिश्ता वंदना के साथ हुआ..पूरे विधि विधान से इनकी शादी हुई लेकिन आरोप है कि पैसे की सनक ने वंदना की जिंदगी तबाह कर दी। अब रोशन रतूड़ी ने टिहरी गढ़वाल के इस मामले में मांग की है इस मामले में जल्द से जल्द जांच हो।मृतका के पिता ने बाल गंगा तहसील में तहरीर दी। तहरीर के अंदर उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी जनवरी 2019 में हुई थी और उसकी एक 3 महीने की बेटी भी है। उन्होंने अपनी बेटी के हत्या की आशंका जताई है। तहरीर में उन्होंने कहा है कि उसका पति सास और ससुर अक्सर उनकी बेटी को परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे। 6 माह पूर्व भी उसकी बेटी के साथ घरेलू हिंसा हुई जिसके बाद वह परेशान होकर मायके आ गई। बाद में उसका पति उसको समझा-बुझा कर वापस ले आया। बाल गंगा के तहसीलदार राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि महिला के मौत की उच्च स्तर पर जांच की जा रही है। महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय बौराड़ी भेज दिया गया है। अब रोशन रतूड़ी ने सवाल उठाया है कि आखिर कब इस गरीब परिवार की बेटी को इंसाफ मिलेगा?