टिहरी झील पर भारत का सबसे लंबा सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज तैयार, हो गया ट्रायल

गुरुवार को टिहरी झील के ऊपर बने डोबरा-चांठी पुल (Dobra chanti bridge) पर ट्रायल के तौर पर सामान से लदा यूटिलिटी वाहन चलाया गया। जानिए इस पुल कि बेमिसाल खूबियां ..
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Dobra chanti bridge: Trail at Dobra chanti bridge in tehri lake
Image: Trail at Dobra chanti bridge in tehri lake

टिहरी गढ़वाल: टिहरी- प्रतापनगर की जनता का अब सालों पुराना इंतजार खत्म होने वाला है। गुरुवार को टिहरी झील के ऊपर बने डोबरा-चांठी पुल (Dobra chanti bridge) पर ट्रायल के तौर पर सामान से लदा यूटिलिटी वाहन चलाया गया। डोबरा-चांठी पुल पर वाहन चलता देख प्रतापनगर के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। ट्रायल के तौर पर डोबरा की तरफ से अपनी यूटिलिटी कार में सामान उठाकर चांठी वाली साइड में ले गए। यूटिलिटी डोबरा की तरफ से पुल के ऊपर होते हुए चांठी की तरफ पहुंची अब कुछ समय बाद डोबरा चांठी पुल के ऊपर प्रताप नगर की जनता का आवागमन शुरू हो पाएगा। लॉक डाउन के चलते पुल का काम में रुकावट आई है। जैसे ही लॉकडाउन के दौरान पुल के काम में आई रुकावट दूर होगी, तुरंत उसके बाद कंपनी के द्वारा पुल के ऊपर मास्टिक बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा और पुल का उद्घाटन करके प्रताप नगर की जनता के लिए शुरू कर दी जाएगा। आगे जानिए इस पुल कि बेमिसाल खूबियां..

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टिहरी झील ने कम वक्त में ही पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग जगह बना ली है। झील निर्माण के लिए पुरानी टिहरी को अपना बलिदान देना पड़ा। लोगों को नई टिहरी में बसाया गया, पर लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। टिहरी झील निर्माण के बाद प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के कई इलाके अलग-थलग पड़ गए। संचार साधनों का तो उत्तराखंड में वैसे ही बुरा हाल है। इन इलाकों के लोग कई साल से टिहरी झील पर पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। लाखों लोगों की ये मुराद जल्द ही पूरी होने वाली है। डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। टिहरी झील पर बन रहे इस पुल की लंबाई 440 मीटर है, ये भारत का सबसे लंबा सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज। पुल बनने से क्षेत्र में बसी ढाई लाख आबादी को फायदा होगा। टिहरी-उत्तरकाशी के लोग इस पुल के बनने का इंतजार कर रहे हैं। जब से टिहरी डैम बना है, तब से प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी के गांव अलग-थलग पड़े हैं। इन इलाकों में करीब ढाई लाख लोगों की आबादी है। जल्द ही ये लोग डोबरा-चांठी पुल (Dobra chanti bridge) के जरिए सड़क सेवाओं से जुड़ जाएंगे। ये पुल उत्तराखंड के लिए ही नहीं पूरे देश के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।