सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बैंगलोर आदि स्थानों से प्रवासियों को लाने के लिए ट्रेन के लिए भी बात हुई हैं। राजस्थान से भी ट्रेन की बात चल रही है।
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: people to bring home by govt in trains advance paid
देहरादून: सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बैंगलोर, महाराष्ट्र के अलावा कई राज्यों से प्रवासियों को लाने के लिए ट्रेन के लिए भी बात हुई हैं। राजस्थान से भी ट्रेन की बात चल रही है। उत्तराखण्ड के प्रवासी लोगों को लाने के लिए ट्रेन, बस का व्यय उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। रेलवे के पास 50 लाख रूपए एडवांस के तौर पर जमा भी कर दिया गया है। अभी तक 8 ट्रेन का अनुरोध किया हुआ है। इसका प्लान किया जा रहा है। IAS शैलेश बगोली ने बताया कि जल्द ही रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकार से समन्वय कर ट्रेन से प्रवासियों को लाने का भी टाईमटेबल बना दिया जाएगा। जैसे ही तिथि तय हो जाएगी, संबंधित प्रवासियों को एसएमएस के माघ्यम से सूचित कर दिया जाएगा। इसके अलावा एक और अहम जानकारी है...आगे पढ़िए
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निदेशक, एनएचएम युगल किशोर पंत ने बताया कि कोविड-19 के संबंध में आज 221 सेम्पल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 04 पाॅजिटिव केस हैं। ये चारों लोग ऊधमसिंहनगर की सीमा पर पुलिस द्वारा पकड़े गए थे। पकड़ते ही उन्हें संस्थागत क्वारेंटाईन रखा गया था। इनमें 02 महाराष्ट्र, 01 गुजरात व 01 हरियाणा से आ रहे थे। श्री पंत ने बताया कि राज्य में पाॅजिटिव केस की दर 0.76 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 69 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हमारे यहां औसत रिकवरी टाईम 16 दिन है। हमारी फेटैलिटी (मृत्यु) रेट 1.49 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय दर 3.32 है। आज 04 पाॅजिटीव केस आने से हमारी डबलिंग रेट 38 दिन है। देश की डबलिंग रेट 10.9 है।