गजब: पहाड़ के इस गांव में 24 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, गांव वालों ने खुद लिया फैसला

गांव वालों ने खुद ही 4 मई से यहां 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर दिया। उन्होंने अपने नियम कायदे बनाए और समाज के बीच मिसाल पेश की है।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Chamoli News: Chamoli sutol village self lockdown extend till 24 may
Image: Chamoli sutol village self lockdown extend till 24 may

चमोली: ये है उत्तराखंड का सीमावर्ती गांव सुतोल। गांव के लोग बेहद ही जागरूक हैं।। कोरना के इस वैश्विक संकट में गांव के लोगों ने एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपने नियम कायदे बनाए और समाज के बीच मिसाल पेश की है। गांववालों ने खुद को अपने नियमों से प्रतिबद्ध किया है। ये बात तो आपको पता ही होगी कि देशभर में लॉकडाउन 17 मई तक है। लेकिन इस गांव के लोगों ने 24 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया। चमोली जिला भले ही ग्रीन जोन में है, लेकिन सुतोल गांव की बात तो कुछ और ही है। आज इस गांव के चर्चे पूरे उत्तराखंड हो रहे हैं। उत्तराखंड के एक बड़े दैनिक अखबार के मुताबिक इस गांव की आबादी 500 के करीब है। मीडिया रिपोर्टस की मानें तो इस गांव में चौलाई, आलू, फाफर, राजमा आदि फसलों का जबरदस्त उत्पादन होता है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - कंफर्म खबर.. दिल्ली से हर हाल में ट्रेन से लाए जाएंगे उत्तराखंड के प्रवासी
यहां गांव वाले इन दिनों सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खेती-किसानी में जुटे हैं। गांव वालों ने प्रण लिया है कि कोरोना महामारी के समूल नाश तक नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे। गांव वालों ने खुद ही 4 मई से यहां 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर दिया। जो नियम सुतोल गांव वालों ने बनाया है उसके अनुसार गांव का कोई भी बाशिंदा लॉकडाउन के दौरान गांव की सीमा से बाहर नहीं जाएगा। बाहर से आने वालों का स्वागत है, लेकिन दूरी बनाए रखना जरूरी है। गांववालों ने गांव में बाहर से आने वालों पर प्रतिबंध तो नहीं लगाया है लेकिन उन्हें दूरी बनाए रखने की अनिवार्यता जरूर रखी है। फैसला किया गया है कि जो भी व्यक्ति बाहर से गांव में आएगा वो कम से कम 500 मीटर की दूरी बनाए रखेगा और उसे गांव के स्कूल में 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। स्कूल में क्वारंटाइन किए जाने वाले लोगों के लिए ग्रामसभा ने भोजन और रहने की अच्छी व्यवस्था की है।