लॉकडाउन के दौरान जब लोग घरों में बंद हो टिक-टॉक पर वीडियो बना रहे थे, सौंज गांव के 11 युवाओं के मन में कुछ और ही चल रहा था। इन्होंने लॉकडाउन के दौरान गांव के लिए कुछ ऐसा किया, जिसकी सालों तक मिसाल दी जाएगी...
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कोमल नेगी
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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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Image: Youths built road during lockdown in champawat
चम्पावत: कुमाऊं का खूबसूरत जिला चंपावत। यहां सौंज गांव के युवाओं ने लॉकडाउन के दौरान ऐसा शानदार काम किया, जिसकी सालों तक मिसाल दी जाएगी। लॉकडाउन के दौरान जब लोग घरों में बंद हो टिक-टॉक पर वीडियो बना रहे थे, सौंज गांव के 11 युवाओं के मन में कुछ और ही चल रहा था। इन्होंने लॉकडाउन के समय का सही इस्तेमाल करने की ठानी और अपने गांव को सड़क सेवा से जोड़ दिया। गांव के युवाओं ने कठिन परिश्रम कर गांव में एक किलोमीटर रोड बना डाली, जिस पर चलकर अब लोग अस्पताल जा सकेंगे। बाजार जा सकेंगे। मुसीबत के वक्त में ये रोड लोगों के लिए बड़ा सहारा बनेगी। चलिए अब सौंज गांव के बारे में जानते हैं। चंपावत का ये दूरस्थ गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। देश आजाद हुआ, लेकिन इस गांव के लोगों को अपने दुख-तकलीफों से आजादी नहीं मिल सकी। गांव में सड़क नहीं थी। ग्रामीण शासन-प्रशासन से सड़क बनाने की मांग कर रहे थे, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आगे पढ़िए
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कुछ महीने पहले जब लॉकडाउन लगा तो दूसरे गांवों की तरह यहां के लोग भी घरों में कैद हो गए। अब युवाओं के पास समय ही समय था, पर इसका इस्तेमाल कैसे करें, ये सूझ नहीं रहा था। इसी दौरान गांव के एक युवा शिक्षक इंदुवर जोशी ने युवाओं को गांव में सड़क बनाने का सुझाव दिया। इस तरह देखते ही देखते युवाओं की एक टीम तैयार हो गई। जिसने घटोत्कच मंदिर के पास स्थित पैदल रास्ते का चौड़ीकरण कर इसे सड़क में तब्दील कर दिया। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखा गया। इन युवाओं ने गांव के विकास के लिए सौंज कैबिनेट नाम से वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया है, जिसके जरिए युवा गांव के विकास पर चर्चा करते हैं। शिक्षक इंदुवर जोशी ने बताया कि युवाओं ने सड़क पर एक अस्थाई पुलिया भी बनाई है। सड़क बनने के बाद दुपहिया वाहन गांव तक पहुंचने लगे हैं। फिलहाल सड़क घटोत्कच मंदिर तक बनाई गई है, बाद में इसे हिंडिबा मंदिर तक बनाने की योजना है। प्रशासन ने भी सौंज गांव के युवाओं के प्रयास की सराहना की। चंपावत के जिलाधिकारी एसएन पांडेय ने कहा कि उम्मीद है युवाओं की यह रचनात्मकता भविष्य में भी बनी रहेगी। दूसरे युवाओं को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।