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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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पौड़ी गढ़वाल: लॉकडाउन में काम-धंधे बंद हुए तो ज्यादातर लोग वक्त बदलने का इंतजार करते हुए घरों में बैठ गए। कुछ लोग शहर छोड़कर गांव लौट आए, लेकिन इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने मायूसी भरा यह इंतजार करने के बजाय हौसला दिखाते हुए मुश्किल के इस वक्त को इंसानों की सेवा का जरिया बना लिया। ऐसे ही कुछ लोगों का एक समूह है कात्यायिनी चैरिटेबल ट्रस्ट। प्रवासी उत्तराखंडियों का ये संगठन दिल्ली- गाजियाबाद, वसुंधरा, इंद्रापुरम, नोएडा या फिर खोडा में गरीब और बेसहारा लोगों का पेट भरने का इंतजाम कर रहा है। संगठन से जुड़े ज्यादातर लोग पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। संगठन के निदेशक गोपाल असवाल हैं, जबकि महासचिव पद की जिम्मेदारी कात्यायिनी घिल्डियाल के पास है। संगठन से जुड़ी कुसुम असवाल भी घर-घर जाकर गरीबों की मदद कर रही हैं। पहाड़ के लोगों का ये संगठन दिल्ली में इतना शानदार काम कर रहा है, जिसके बारे में जानकर आप भी गर्व से भर उठेंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण काल में जब अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी बस किसी तरह पहाड़ लौट आने के लिए तड़प रहे थे, उस मुश्किल वक्त में इस संगठन के लोगों ने पहाड़ जाने के बजाय दिल्ली में रहकर जरूरतमंदों की सेवा करने की ठानी। आगे भी पढ़िए