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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के जेष्ठवाड़ी गांव में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। हो सकता है यह यह खबर आपको किसी फिल्म की कहानी की तरह लगे, मगर ऐसा उत्तराखंड में वाकई हुआ है। चिन्यालीसौड़ गांव का एक 84 वर्षीय व्यक्ति 45 साल की लंबी अवधि के बाद रविवार को अपने गांव वापस लौटा। 45 साल से लापता व्यक्ति को अचानक अपनी आंखों के सामने देख कर परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि परिवार को यह यकीन था कि बुजुर्ग की मृत्य नहीं हुई होगी मगर फिर भी 45 साल के बाद बुजुर्ग की घर वापसी से परिवार स्तब्ध रह गया। परिजनों का उनसे भावनात्मक लगाव खत्म हो चुका है और वह वृद्ध को मन से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल बुजुर्ग को राजकीय इंटर कॉलेज में पंचायत क्वारंटाइन कर दिया है। उनके खाने-पीने की व्यवस्था उनके परिजनों द्वारा की जा रही है। चलिए आपको पूरे मामले से अवगत कराते हैं। ग्राम जेष्ठवाड़ी के प्रधान अजय चौहान ने बताया कि उनके दादा सूरत सिंह चौहान 39 बरस की उम्र में घर छोड़ कर चले गए थे जब उनके पिता कल्याण सिंह की उम्र महज ढाई साल और उनके ताऊ जी त्रेपन सिंह की उम्र पांच साल थी। आगे पढ़िए