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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: पहाड़ों का जीवन बेहद कठिनाइयों और मुश्किलों से भरा है। ग्रामीण इलाकों में रहना आसान बात नहीं है। कदम-कदम पर मुश्किलें होती हैं और जान को खतरा भी रहता है। ऐसे में पहाड़ों में कई बार लोग दुर्घटनाओं का शिकार भी होते रहते हैं। ऐसा ही कुछ पिथौरागढ़ में देखने को मिला। हाल ही में बीते सोमवार को पिथौरागढ़ में चलखम नामक स्थान पर एक लकड़ी के बने अस्थायी पुल को पार करते हुए धौली नदी में दो लोग बह गए। मंगलवार को पुलिस ने नदी में गिरे दोनों लोगों को काफी ढूंढा मगर उनका पता नहीं लग पाया है। चलिए आपको पूरी घटना की विस्तार से जानकारी देते हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ तहसील मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर दारमा घाटी के ग्राम सभा बोंगलिंग में सोमवार को चलखम नामक जगह पर धौली गंगा के ऊपर बने लकड़ी लकड़ी का पुल पार करते हुए मन बहादुर और भीम सिंह बकरियों को बुग्याल के चारागाह ले जाते समय धौली नदी में गिर गए।