उत्तराखंड: एक जिले से दूसरे जिले में जाने लिए पास की जरूरत नहीं..जानिए नया नियम

अब राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले की यात्रा की जा सकती है, इसके लिए ई-पास बनवाने की जरूरत भी नहीं है। हां यात्रा करते वक्त कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना होगा...
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Uttarakhand e Pass: No pass needed for movement within the state
Image: No pass needed for movement within the state

देहरादून: लॉकडाउन के चौथे फेज में लोगों को कई तरह की राहतें दी जा रही हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले की यात्रा की जा सकती है, इसके लिए ई-पास बनवाने की जरूरत भी नहीं है। हां यात्रा करते वक्त एक बात का ध्यान रखना होगा। एक जिले से दूसरे जिले तक आवाजाही सिर्फ सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक ही की जा सकती है। शाम 4 बजे के बाद आवाजाही समेत हर तरह की गतिविधियां बंद रहेंगी। राज्य के जिलों में बिना पास के आवाजाही की अनुमति मिलने से आम लोगों के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारी भी राहत महसूस करेंगे। बता दें कि लॉकडाउन के चौथे फेज में परिवहन सेवाओं के संचालन में छूट मिलने लगी है, लेकिन इसे लेकर अब भी कई तरह के कंफ्यूजन बरकरार हैं।

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जगह-जगह लोग ई-पास बनवाने के लिए लाइन में लगे दिखते हैं। चंपावत में भी लोग पास को लेकर परेशान थे, इनके मन में कई सवाल थे, जिनका जवाब डीएम एसएस पांडेय और एसपी लोकेश्वर सिंह ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में दिया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान देहरादून और हरिद्वार जैसे जिलों में जाने वाले लोगों को पर्वतीय मार्ग का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी, लेकिन अगर कोई यूपी के रास्ते जाना चाहता है तो इसके लिए पास की जरूरत पड़ेगी। राज्य में आवाजाही के लिए पास की जरूरत नहीं है। सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य के एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही की जा सकती है। बस नियम का ध्यान जरूर रखें