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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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उत्तरकाशी: ये कोरोना वायरस का दौर है। हर दिन कई तरह की खबरें और तस्वीरें सामने आती रहती हैं। कुछ दिल को झिंझोड़ देती हैं तो कुछ तस्वीरें सर्वोच्च सत्ता पर भरोसा और उम्मीद भी जगाती हैं। एक ऐसी ही तस्वीर उत्तरकाशी के बड़कोट से आई है। जहां लॉकडाउन के दौरान एक परिवार को पिछले 7 साल से खोया हुआ बेटा वापस मिल गया। लॉकडाउन के दौरान जब बेटा 7 साल बाद घर लौटा तो बूढ़ी मां की आंखों में आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। और बहनों की खुशी का तो पूछिए ही मत। युवक चार बहनों का इकलौता भाई है, 7 साल बाद जब भाई बहनों के सामने आया तो बहनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बताया जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। 7 साल पहले वो अचानक गायब हो गया था। घटना बड़कोट तहसील के घंडाला गांव की है। जहां एक परिवार में चार बेटियां और उनका इकलौता भाई दयाल सिंह रहता था। आगे पढ़िए