उत्तराखंड: अब स्वास्थ्य कर्मियों से बदसलूकी की, तो होगी 3 महीने की सजा..पढ़िए पूरी खबर

संशोधित नियमावली में कहा गया है कि महामारी के दौरान अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया या सेवारत स्वास्थ्यकर्मी के साथ हिंसा की गई तो आरोपी को 3 महीने से लेकर 5 साल तक की सजा हो सकती है...
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Uttarakhand Health Worker: Three months sentence for Misbehaving with health workers in uttarakhand
Image: Three months sentence for Misbehaving with health workers in uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश में कोरोना मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी के मामले लगातार सामने आ रहे है। बीते 15 अप्रैल को कोरोना से संबंधित जानकारी लेने के लिए घर-घर जाकर सर्वे कर रही एक आशा कार्यकर्ता से लोगों ने बदसलूकी की थी। क्वारेंटीन सेंटर में तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य महामारी कोविड-19 संशोधन नियमावली जारी कर दी है। इसके अनुसार अब प्रदेश में स्वास्थ्यकर्मी से अभद्रता करने वाले को तीन महीने की सजा होगी। नियमावली में कहा गया है कि महामारी के दौरान अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया या सेवारत स्वास्थ्यकर्मी के साथ हिंसा होती है तो आरोपी को 3 महीने से लेकर 5 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान भी है।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में हेयर ड्रेसर, स्पा और सैलून संचालकों के लिए नए नियम..2 में पढ़ लीजिए
स्वास्थ्यकर्मी से हिंसा गैर जमानती अपराध होगा। एफआईआर दर्ज होने के 30 दिन के भीतर जांच पूरी करने का प्रावधान किया गया है। राज्यपाल के अनुमोदन के बाद शासन ने अध्यादेश जारी करने के साथ ही इसकी संशोधित विनियमावली भी जारी कर दी। जिसमें महामारी के दौरान तैनात स्वास्थ्यकर्मी से बदसलूकी और मारपीट को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार द्वारा जारी संशोधित विनियमावली में मास्क न पहनने और थूकने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है। ऐसा करने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।