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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: लद्दाख घाटी में सीमा पर बीती रात जो हुआ वो किसी ने सपने में ही नहीं सोचा था। भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प में महज कुछ ही पलों में हमारे वतन के 20 जवान शहीद हुए हैं। न जाने कितने ही ऐसे मां-बाप हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन सभी मां-बाप के आंसू थम नहीं रहे हैं, जिन्होंने अपने लाडलों को खो दिया है। हमीरपुर का महज 21 साल का जवान भी इस मुठभेड़ में वतन के लिए कुर्बान हो गया। 21 वर्षीय अंकुश ठाकुर जो कि 2018 में पंजाब रेजीमेंट में भर्ती हुआ था और 10 महीने पहले ही सेना में नौकरी ज्वॉइन की थी, वो अब हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया से जा चुका है। इस खबर के बाद उनके समस्त गांव और घर में मातम छा रखा है। अभी तो वह युवा ही था। उसे बहुत कुछ करना था। उसके आगे कई सुनहरे अवसर थे। 21 वर्ष में एक ओर जहां युवा अपने भविष्य को लेकर निर्णय नहीं ले पाते वहीं शहीद अंकुश ठाकुर ने दृढ़ निश्चय कर रखा था कि वो आर्मी में ही जाएगा। आगे पढ़िए