नीती गांव के ग्रामीणों ने कहा कि गलवान में चीन ने जो कायरतापूर्ण हरकत की, उसके लिए चीन को कभी माफ नहीं किया जाना चाहिए। हम किसी भी स्थिति में भारतीय सेना की मदद करने के लिए तैयार हैं....
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Image: People protest at niti village
चमोली: लद्दाख में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले सैनिकों को विदाई दी जा रही है। गलवान घाटी में चीन ने जो किया उसे लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। लोग चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सीमावर्ती गांव नीती में भी ग्रामीणों ने चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। नीती गांव भारत-चीन सीमा के पास स्थित है। गलवान हिंसा को लेकर यहां के लोगों में भी जबर्दस्त आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि गलवान में चीन ने जो कायरतापूर्ण हरकत की, उसके लिए चीन को कभी माफ नहीं किया जाना चाहिए। हिंसा में हमने अपने 20 जांबाज गंवा दिए। गलवान घाटी में सैनिकों के साथ जो क्रूरता हुई, उसे याद कर हमारा दिल पीड़ा से भर जाता है। नीती क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि हम किसी भी स्थिति में भारतीय सेना की मदद करने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें कि चमोली का नीती गांव भारत-चीन सीमा पर स्थित है। गलवान में हुई हिंसा के बाद इस क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। चमोली जिले के जोशीमठ में जवानों के काफिले पहुंच रहे हैं।
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यहां भारतीय सेना ने भारत-चीन सीमा पर स्थित बाड़ाहोती, माणापास, घस्तोली स्थित चौकियों की सुरक्षा कड़ी कर दी है। सीमा क्षेत्र में भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर लगातार रेकी कर रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से सीमांत गांव माणा और नीती में रहने वाले लोगों के लिए तीन महीने की अतिरिक्त खाद्य सामग्री भेजी गई है।