उत्तराखंड में चीन सीमा पर सैटेलाइट सिग्नल मिलने की खबर, गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट

नेलांग घाटी में मई के आखिर और जून के दूसरे हफ्ते में सेटेलाइट फोन के सिग्नल सक्रिय थे। सेटेलाइट फोन तुराया कंपनी का था। ये वही कंपनी है, जिसके फोन का इस्तेमाल चीनी सेना करती है...आगे पढ़िए पूरी खबर
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Uttarkashi News: Satellite signals found in Uttarakhand China border
Image: Satellite signals found in Uttarakhand China border

उत्तरकाशी: लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को हुए सैन्य टकराव में भारत ने अपने 20 जांबाज खो दिए। पिछले पांच दशकों में चीन के साथ हुआ ये अब तक का सबसे बड़ा सैन्य टकराव था। इस घटना के बाद से भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना की असामान्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। एक डराने वाली खबर उत्तराखंड के उत्तरकाशी से भी आई है। जागरण की खबर के मुताबिक चीन सीमा पर एक महीने के भीतर दो बार प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन के सिग्नल मिलने की खबर है। खुफिया तंत्र ने इसकी सूचना सेना और आईटीबीपी के अफसरों को दी। जिसके बाद से सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक जिले की नेलांग घाटी में मई के आखिर और जून के दूसरे हफ्ते में सेटेलाइट फोन के सिग्नल सक्रिय थे। सेटेलाइट फोन तुराया कंपनी का था। ये वही कंपनी है, जिसके फोन का इस्तेमाल चीनी सेना करती है।

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भारत में इस कंपनी के सेटेलाइट फोन प्रतिबंधित हैं। बहरहाल खुफिया विभाग ने इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी है। सेना और आईटीबीपी को भी अलर्ट कर दिया गया है। लद्दाख में जारी तनाव के बीच उत्तरकाशी और चमोली जिले में सेना की मूवमेंट बढ़ गई है। पिथौरागढ़ में भी गश्त बढ़ा दी गई है। शनिवार को जोशीमठ स्थित सेना के हेलीपैड पर दो हेलीकॉप्टर उतरे। जिनमें सेना के उच्चाधिकारी सवार थे। अधिकरियों ने यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चमोली के मलारी और माणा में भी सेना की सक्रियता बढ़ गई है। ये दोनों क्षेत्र चीन की सीमा से सटे हैं। उत्तरकाशी में भी वायु सेना के विमान ने नेलांग घाटी के ऊपर से उड़ान भरी। सेना ने विमान के जरिए नेलांग घाटी का जायजा लिया। यहां सेना की बढ़ती गतिविधियां लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।