उत्तराखंड: चाचा करगिल में शहीद हुए थे, भतीजा बना वायुसेना में अफसर

द्वाराहाट के अभिषेक राणा (Dwarahat Abhishek Flying Officer) ने भारतीय वायु सेना में पायलट बन उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। अभिषेक उस परिवार का हिस्सा हैं, जिसने देश की सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है...आगे जानिए उनके बारे में
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Pithoragarh News: Abhishek from Uttarakhand Dwarahat becomes flying officer
Image: Abhishek from Uttarakhand Dwarahat becomes flying officer

पिथौरागढ़: उत्तराखंड को यूं ही सैन्य धाम नहीं कहते। जब भी देश पर खतरा मंडराया है उत्तराखंड के युवा देश की रक्षा और दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए हमेशा तैयार रहे हैं। प्रदेश की युवा पीढ़ी गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ा रही है। आंकड़े भी इस बात के गवाह हैं कि उत्तराखंड के युवाओं में सेना के प्रति कैसा मान-सम्मान है। आज हम आपको ऐसे युवा के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने भारतीय वायु सेना में शामिल होकर सेना और प्रदेश दोनों का मान बढ़ाया है। इनका नाम है अभिषेक राणा। 20 जून को अभिषेक भारतीय वायु सेना में पायलट बन सेना का अभिन्न हिस्सा बन गए। अभिषेक सैन्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं। देश सेवा और सेना की वर्दी पहनने की ललक उनमें परिवार ने ही जगाई। अभिषेक उस परिवार का हिस्सा हैं, जिसने देश की सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। आगे पढ़िए

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अभिषेक के चाचा लांसनायक इंदर सिंह कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मन सेना के खिलाफ लड़ते-लड़ते शहीद हो गए थे। साल 1994 में सेना में भर्ती हुए इंदर सिंह कुमाऊं रेजीमेंट का हिस्सा थे। उनकी शहादत को देश आज भी याद करता है। अब करगिल शहीद का भतीजा भी परिवार की दिखाई राह पर चल पड़ा है। अभिषेक ने वायुसेना में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर बन देश सेवा की राह में पहला कदम बढ़ा दिया है। अभिषेक के परिवार के बारे में जानिए..अभिषेक का परिवार द्वाराहाट विकासखंड के तल्लीमिरई क्षेत्र में रहता है। उनके पिता नारायण सिंह राणा भी असम राइफल का हिस्सा हैं और इस वक्त नॉर्थ ईस्ट में पोस्टेड हैं। दादा नंदन सिंह राणा भी सेना से रिटायर्ड हैं। बहन मीनाक्षी राणा भी सेना में अफसर बन प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। आगे पढ़िए

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परिवार की गौरवशाली सैन्य परंपरा को अब अभिषेक आगे बढ़ा रहे हैं। अभिषेक ने एनडीए की तैयारी घर पर रहकर ही की। उनकी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय आरकेपुरम दिल्ली में हुई। 12वीं पास करने के बाद अभिषेक ने एनडीए ज्वाइन कर लिया। 3 साल तक उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे में ट्रेनिंग ली। जिसके बाद विकल्प के तौर पर उन्होंने भारतीय वायु सेना को चुना। हैदराबाद में एक साल की ट्रेनिंग के बाद 20 जून 2020 को उत्तराखंड का ये सपूत वायु सेना में शामिल हो गया। होनहार लाल की सफलता से द्वाराहाट क्षेत्र में खुशी की लहर है। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से फ्लाइंग ऑफिसर अभिषेक राणा को हार्दिक शुभकामनाएं। इसी तरह से जीवन में प्रगति पथ पर आगे बढ़ते रहिए और उत्तराखंड को गौरवान्वित करने के क्षण देते रहिए। आप भी शुभकामनाएं दें।