ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में दो मासूमों की जिंदगी का बेहद खौफनाक तरीके से अंत हुआ। 5 और 6 वर्ष के दो मासूमों की दीवार गिरने के कारण दबने से मृत्यु हो गई। दो मासूम
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Two children died in Udhampur Bajpur
उधमसिंह नगर: जीवन वाकई बेहद अनिश्चितता से भरा हुआ है। एक पल में सब ठीक होता है वहीं अगले ही पल में किसी का घर- संसार उजड़ जाता है। हादसों का भी कोई पता नहीं रहता है। पल भर में क्या से क्या हो जाए इसके बारे में कोई नहीं कह सकता है। अब उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में ही देख लीजिए, पल भर में एक दर्दनाक हादसा हुआ और एक ही परिवार के दो मासूम चिराग हमेशा-हमेशा के लिए बुझ गए वहीं बाकी दो चिराग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं ऊधमसिंह नगर के बाजपुर की जहां 5 और 6 वर्ष के दो मासूमों की दीवार गिरने के कारण दबने से मृत्यु हो गई वहीं दो मासूम अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। गांव में दो मासूमों की ऐसी दर्दनाक मृत्यु के बाद से उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य का सपना पाले बैठे परिजनों को क्या पता था कि उनके जिगर के टुकड़े उनसे इस तरह अलग होंगे कि कभी वापस लौट कर ही नहीं आएंगे। आगे पढ़िए
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घटना उधम सिंह नगर स्थित बाजपुर के नगर पंचायत मसवानी के मोहल्ला चाऊपुरा में बीते शुक्रवार की है जिसके बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बता दें कि मोहल्ले में त्रिमोहन के मकान में देर शाम डनलप से मकान की दीवार के पास रेत उतारी जा रही थी। दीवार बेहद कच्ची और कमजोर थी जिस वजह से वह रेत का भार सह नहीं पाई और भरभराकर ढह गई। बदकिस्मती से गांव के ही कई छोटे बच्चे उस दीवार के पास खेल रहे थे। दीवार के गिरने से उसके नीचे शिवा(6) पुत्र सुनील, आयुष(5) पुत्र मनोज, लक्की(10) पुत्र नन्दकिशोर और शिवम (8) पुत्र खूबचंद्र दब गए। हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया और बच्चों के परिजनों ने पुलिस को फोन करके इस हादसे के बारे में सूचित किया। पुलिस और जनता की मदद से बेहद मशक्कत करने के बाद दीवार के नीचे दबे 4 मासूमों को किसी तरह बाहर निकाला गया।
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आनन-फानन में सभी को बाजपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान मासूम 5 वर्षीय आयुष की मृत्यु हो गई। बाकी बचे 3 बच्चों को काशीपुर भेज दिया गया जहां बीते शनिवार को 6 वर्षीय शिवा ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं बाकी के दो बच्चे लक्की और शिवम की हालत भी बेहद गंभीर बताई जा रही है। दोनों अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। वहीं परिजनों ने बच्चों का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया है साथ ही किसी भी तरह का मुकदमा दर्ज कराने से मना कर दिया है। दोनों मासूमों के परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। माता-पिता लगातार पुत्र विलाप में करुण क्रंदन किए जा रहे हैं। गांव में भी दो मासूमों की मृत्यु के बाद से ही मातम पसरा हुआ है।