उत्तराखंड: चीन सीमा पर 3 सड़कों के निर्माण को मंजूरी, सेना के जवानों को मिलेगी राहत

चीन सीमा से लगे इलाकों में सड़क निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस दे दी गई है। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद चीन सीमा से सटे इलाकों में सड़कों का जाल बिछेगा...
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Uttarakhand China Border: Construction of 3 roads on China border approved in Uttarakhand
Image: Construction of 3 roads on China border approved in Uttarakhand

उत्तरकाशी: लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव के बीच उत्तराखंड में चीन से सटे इलाकों में सड़कों का निर्माण कार्य लगातार जारी है। इस बीच एक और बड़ी खबर आई है। उत्तराखंड सरकार ने सामरिक महत्व की चीन सीमा से सटी 3 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। सोमवार को सचिवालय में उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड की अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। बैठक में चीन सीमा से लगे इलाकों में सड़क निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस दे दी गई। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद चीन सीमा से सटे इलाकों में सड़कों का जाल बिछेगा। जिससे सैन्य बलों की आवाजाही आसान हो जाएगी। चलिए अब आपको प्रोजेक्ट की खास बातें बतातें हैं। आगे पढ़िए

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इन तीनों सड़कों की कुल लंबाई 35 किलोमीटर होगी। उत्तरकाशी क्षेत्र में बनने वाली इन सड़कों के तहत सुमला से थांगला तक 11.85 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। जिसके लिए 30.39 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित की गई। इसी तरह उत्तरकाशी में ही त्रिपाणई से रंगमचगाड़ तक 6.21 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए 11.218 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। सीमावर्ती क्षेत्र मंडी से सांगचोक्ला तक 17.60 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। सड़क लिए करीब 31.76 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि ये तीनों सड़कें गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के क्षेत्र में होने की वजह से नहीं बन पा रहीं थीं। अब इन सड़कों के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल गया है।

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इसके साथ ही गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में गरतांग गली ट्रैक की मरम्मत को भी मंजूरी दी गई। जिसके लिए करीब 64 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। बैठक में बताया गया कि केंद्र ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के लिए 340 करोड़ रुपये दिए हैं। जिससे सड़कों के सुधरने की उम्मीद जगी है। अतिरिक्त राशि जारी होने के बाद पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा के लिए बन रही सड़कों के निर्माण में तेजी आएगी। सीमा पर चीनी सैनिकों की हरकतों को देखते हुए उत्तराखंड में सड़कों का निर्माण कार्य तेज कर दिया है। चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र के नीती और माणा घाटी में भी सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। कुल मिलाकर कहें तो सीमा से सटे गांवों में रहने वाले सीमांत लोगों के लिए ये एक बेहतरीन खबर है।