पिथौरागढ़ में बारिश से मची तबाही ने साल 2013 में आई आपदा की याद दिला दी। यहां रविवार को दूसरी बार बादल फटा। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, गांव के 11 लोग अब भी लापता हैं...
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कोमल नेगी
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Image: Cloudburst in Pithoragarh 11 people missing
पिथौरागढ़: पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश काल साबित हो रही है। पिथौरागढ़ में रविवार रात एक बार फिर बारिश का कहर देखने को मिला। यहां देर रात दोबारा बादल फटने से जमकर तबाही मची। एक मकान मलबे में जमींदोज हो गया। शनिवार को जब पहली बार बादल फटने की घटना हुई थी, तो हादसे में किसी की जान नहीं गई थी। लेकिन रविवार को हुए हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। यहां टांडा गांव में 11 लोग अब भी लापता हैं। ग्रामीण लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। पिथौरागढ़ से तबाही की जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने साल 2013 में आई उत्तराखंड आपदा की याद दिला दी। लोग दहशत में हैं। तबाही में जिन लोगों ने अपने आशियाने गंवा दिए, वो सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। आगे भी जानिए इस बारे में कुछ और भी खास बातें
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जिले के बंगापानी तहसील के गैला टांगा में रविवार रात ग्रामीण घरों में सो रहे थे। तभी रात एक बजकर 44 मिनट पर धमाके जैसी आवाज आई और पहाड़ी आया सैलाब गांव की तरफ बह निकला। इस दौरान एक मकान मलबे में जमींदोज हो गया। हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। टांडा गांव के 11 लोग अब भी लापता हैं, एक व्यक्ति घायल है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ज्यादा बारिश की वजह से गांव का रास्ता भी बंद है। हालांकि सेरा सिरतोला गांव के कुछ युवा प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, और बचाव कार्य में जुटे हैं। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन टीम, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। टांडा गांव जिले के अति दुर्गम इलाकों में शामिल है। यहां नेटवर्क नहीं है। आगे पढ़िए
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सड़कें पानी में बह गई हैं, जिस वजह से हादसे और नुकसान को लेकर सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। पिथौरागढ़ के गैला क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ है। जहां एक मकान ढह गया। मलबे में दबने से घर मे रह रहे तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में शेर सिंह, गीता देवी और ममता शामिल हैं। तीनों के शव मलबे से बाहर निकाल लिए गए हैं। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां पर भी पुलिस क्षेत्रीय युवाओं की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। आपको बता दें कि शनिवार को भी पिथौरागढ़ में बादल फटने से जमकर तबाही मची थी। यहां बंगाबानी के छोरीबगड़ क्षेत्र में पांच मकान बह गए थे। ग्रामीणों के खेत और मवेशी भी सैलाब के साथ बह गए। सड़कें बहने की वजह से जिले के कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।