उत्तराखंड के शहीद सपूत को नमन..फोन पर कहा था-जल्द आऊंगा..वो तिरंगे में लिपटा आया

उत्तराखंड का एक और सपूत देश की रक्षा करते करते शहीद हो गया। उनकी अंतिम विदाई में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा
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Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa: Last goodbye to Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa
Image: Last goodbye to Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के शहीद सपूत को हमारा शत शत नमन...उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले का रहने वाला वीर जांबाज देव बहादुर थापा साल 2016 में सेना में भर्ती हुआ था। इस वीर जांबाज़ की तैनाती इन दिनों लेह लद्दाख में थी और वह गोरखा रेजीमेंट का जवान था। बताया जा रहा है कि देव बहादुर थापा शुक्रवार को पेट्रोलिंग पर जा रहे थे। उसे पहले उन्होंने अपने परिवार से बात की थी और कहा था कि वह लौटकर आएंगे तो बात करेंगे। देव बहादुर थापा लौटकर तो नहीं आए लेकिन उनकी शहादत की खबर आई। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक जवान देव बहादुर पेट्रोलिंग पर थे और उनका पैर जमीन पर भी बिछी डायनामाइट पर पड़ गया था। इसके बाद तेज धमाके के साथ ही वह शहीद हो गए। जवान ने जल्द लौटकर बात करने का वादा किया था लेकिन वो तिरंगे में लिपटे आया। उनके गांव गौरीकलां में लोगों की आंखें नम हैं।

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  • बड़े भाई भी भारतीय सेना में

    Last goodbye to Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa
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    Image: Last goodbye to Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa

    आपको यह भी बता दें शहीद देव बहादुर का बड़ा भाई किशन बहादुर भी भारतीय सेना में है। उनके बड़े भाई इस वक्त ग्वालियर में तैनात हैं। परिवार की बात करें तो शहीद देव बहादुर के परिवार में तीन भाई और एक बहन है दूसरे नंबर के थे।शहादत के 3 दिन बाद शहीद देव बहादुर का शव उनके गांव पहुंच गया। जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।

  • नम आंखों से विदाई

    Last goodbye to Uttarakhand Shaheed Dev Bahadur Thapa
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    नम आंखों से लोगों ने अपने वीर जांबाज को श्रद्धांजलि अर्पित की सीट सैकड़ों की संख्या में लोगों के हाथों में तिरंगा था और देव बहादुर अमर रहे के नारे लगे। लंबे काफिले के बाद शहीद का पार्थिव शरीर अपने घर पहुंचा। सुबह 7:25 पर शहीद देव बहादुर का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। उत्तराखंड में हर बार देश को ऐसे जवान दिए हैं जो देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक कुर्बान करने से नहीं हिचकिचाते। शहीद तेज बहादुर को राज्य समीक्षा की टीम का शत-शत नमन।